हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, मधुमक्खी पालन मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल

 चंडीगढ़ हरियाणा में मधुमक्खी पालन का कारोबार करने वाले किसानों और उद्यमियों के लिए राहत भरी खबर है। अब प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं के कारण मधुमक्खियों की कॉलोनियों तथा बक्सों को होने वाले नुकसान की चिंता कम होगी। प्रदेश सरकार ने मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के दायरे में शामिल कर लिया है। इससे मधुमक्खी पालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और इस व्यवसाय को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि योजना के तहत बाढ़ में मधुमक्खी के बक्से और कालोनियां डूबने, आग लगने तथा परिवहन के दौरान दुर्घटना

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Published On :

अक्टूबर 27, 2026

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 चंडीगढ़
हरियाणा में मधुमक्खी पालन का कारोबार करने वाले किसानों और उद्यमियों के लिए राहत भरी खबर है। अब प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं के कारण मधुमक्खियों की कॉलोनियों तथा बक्सों को होने वाले नुकसान की चिंता कम होगी।

प्रदेश सरकार ने मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के दायरे में शामिल कर लिया है। इससे मधुमक्खी पालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और इस व्यवसाय को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि योजना के तहत बाढ़ में मधुमक्खी के बक्से और कालोनियां डूबने, आग लगने तथा परिवहन के दौरान दुर्घटना से होने वाले नुकसान को कवर किया जाएगा। परिवहन संबंधी दुर्घटना हरियाणा के भीतर हुई होनी चाहिए और उसकी एफआइआर या डीडीआर दर्ज होना अनिवार्य है। मधुमक्खियों में महामारी के कारण होने वाले नुकसान पर भी मुआवजे का प्रविधान किया गया है।

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योजना के तहत प्रति मधुमक्खी पालक अधिकतम 250 मधुमक्खी कॉलोनियों और 250 बक्सों को बीमा सुरक्षा देने का प्रविधान है। इसके लिए प्रति कालोनी 50 रुपये और प्रति बाक्स 50 रुपये बीमा शुल्क निर्धारित किया गया है। निर्धारित प्रविधानों के अनुसार, प्रति कालोनी और प्रति बाक्स 1,250 रुपये की बीमा राशि का प्रविधान रहेगा। अधिकतम 250 इकाइयों के आधार पर कॉलोनियों और बक्सों के लिए अलग-अलग बीमा राशि 3 लाख 12 हजार 500 रुपये तक हो सकती है।

पंजीकरण अनिवार्य, मधुमक्खी पालन को मिलेगा बढ़ावा
योजना का लाभ लेने के लिए मधुमक्खी पालकों को भावांतर भरपाई योजना-शहद के तहत पंजीकरण कराना होगा। प्रत्येक बाक्स पर संबंधित योजना का यूनिट नंबर देना भी जरूरी है। मधुमक्खी पालन शहद उत्पादन के साथ-साथ फसलों में परागण के जरिए कृषि उत्पादकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ऐसे में बीमा सुरक्षा मिलने से किसानों को जोखिम कम करने और कारोबार को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। कृषि मंत्री ने बताया कि योजना की जानकारी के लिए मधुमक्खी पालक अपने जिले के जिला उद्यान अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं या उद्यान विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2021 पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।