Anant Singh Bail: बिहार की राजनीति के दिग्गज और मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के समर्थकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पटना हाईकोर्ट ने उन्हें दुलारचंद यादव हत्याकांड में जमानत दे दी है। लंबे समय से पटना की बेऊर जेल में बंद रहने के बाद, अब उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
रिहाई की प्रक्रिया और समर्थकों में भारी उत्साह
अदालती आदेश के बाद अब कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि शुक्रवार (20 मार्च) या शनिवार (21 मार्च, 2026) तक वे जेल की सलाखों से बाहर आ जाएंगे। अनंत सिंह की रिहाई की खबर मिलते ही उनके पैतृक क्षेत्र मोकामा और समर्थकों के बीच जश्न का माहौल है। जैसे ही जेल से बाहर आने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होगी, वे सीधे अपने समर्थकों के बीच पहुंचेंगे।
राज्यसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक उत्तराधिकार का ऐलान
हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान अनंत सिंह को मतदान के लिए जेल से बाहर आने की अनुमति मिली थी। उस दौरान उन्होंने बिहार की सियासत में हलचल पैदा करने वाला एक बड़ा बयान दिया था। उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि अब उनकी अगली पीढ़ी यानी उनके बाल-बच्चे राजनीति की कमान संभालेंगे। इस बयान को मोकामा में उनके उत्तराधिकारी के उदय के रूप में देखा जा रहा है।
जेल से बाहर आने का वादा किया पूरा
जब अनंत सिंह वोट देने के लिए बिहार विधानसभा पहुंचे थे, तब पत्रकारों ने उनसे उनकी रिहाई और समर्थकों की मायूसी पर सवाल किया था। उस वक्त बाहुबली विधायक ने आत्मविश्वास के साथ कहा था, “कोई उदास नहीं है, हम एक-दो महीने के भीतर बाहर आ रहे हैं।” हाईकोर्ट का यह फैसला उनकी उसी बात पर मुहर लगाता दिख रहा है।
नीतीश कुमार के प्रति झुकाव जगजाहिर
अनंत सिंह का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति झुकाव जगजाहिर है। कुछ समय पहले विधानसभा में शपथ ग्रहण के दौरान उन्होंने सार्वजनिक रूप से नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया था। इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि उनकी सक्रिय राजनीति तभी तक है जब तक नीतीश कुमार बिहार की सत्ता के केंद्र में हैं। उन्होंने घोषणा की है कि नीतीश कुमार के राजनीतिक परिदृश्य से हटने के बाद वे भी राजनीति को अलविदा कह देंगे।
दुलारचंद यादव मर्डर केस का पूरा मामला
यह पूरा मामला 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुई दुलारचंद यादव की हत्या से जुड़ा है। इस हत्याकांड में अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था, जिसके बाद उन्हें जेल जाना पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि जेल में रहते हुए भी अनंत सिंह ने भारी मतों से चुनाव जीता। उनसे पहले उनकी पत्नी नीलम देवी मोकामा सीट का प्रतिनिधित्व कर रही थीं, लेकिन अब अनंत सिंह खुद इस क्षेत्र के विधायक हैं।









