Dadasaheb Phalke Award: भारतीय सिनेमा के प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के अवॉर्ड 2024 के लिए कन्नड़ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनंत नाग के नाम की घोषणा की गई है। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन काम करने वाली प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अभिनेता की तस्वीर साझा करते हुए इस सम्मान की जानकारी दी। अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके लंबे, बहुआयामी और उल्लेखनीय योगदान के लिए यह प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया जाएगा।
भारतीय सिनेमा में अनंत नाग के योगदान को सम्मान

बताते चले कि, सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, दादा साहब फाल्के पुरस्कार चयन समिति की सिफारिश के आधार पर अनंत नाग को साल 2024 का यह सम्मान देने का फैसला किया गया है। अपने कई दशक लंबे फिल्मी सफर में अनंत नाग ने अलग-अलग भाषाओं और विभिन्न तरह के किरदारों के जरिए दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई है। कन्नड़ सिनेमा में उनके योगदान को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकार के मुताबिक, उनके अभिनय ने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है।
22 सितंबर को मिलेगा दादा साहब फाल्के पुरस्कार
आपको बता दे कि, अनंत नाग को दादा साहब फाल्के अवॉर्ड 22 सितंबर 2026 को गुजरात के केवड़िया में आयोजित होने वाले 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में प्रदान किया जाएगा। इस घोषणा के बाद कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री और अनंत नाग के प्रशंसकों के बीच खुशी का माहौल है। करीब पांच दशक से अधिक समय से सिनेमा से जुड़े अनंत नाग ने फिल्मों के साथ-साथ टेलीविजन और रंगमंच पर भी अपनी पहचान बनाई है।
पीएम मोदी ने अनंत नाग को दी बधाई

अनंत नाग को इस प्रतिष्ठित सम्मान की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में अनंत नाग की बहुमुखी प्रतिभा और उनके अभिनय की सराहना की। उन्होंने कहा कि कई दशकों तक भारतीय सिनेमा, खासकर कन्नड़ सिनेमा में अनंत नाग के शानदार काम और सहज अभिनय ने गहरी छाप छोड़ी है। प्रधानमंत्री ने उनके किरदारों में दिखाई देने वाली गहराई और सच्चाई का भी उल्लेख किया और उन्हें इस सम्मान का योग्य प्राप्तकर्ता बताया।
कौन हैं अभिनेता अनंत नाग?
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, नाग का जन्म 4 सितंबर 1948 को हुआ था। उनका मूल नाम अनंत नागरकट्टे है। 78 वर्षीय अभिनेता ने अपने लंबे करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। उन्होंने केवल कन्नड़ सिनेमा तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि हिंदी, तेलुगू, तमिल, मराठी और मलयालम फिल्मों में भी अभिनय किया है। अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में काम करने के कारण उनकी पहचान एक बहुभाषी और बहुमुखी अभिनेता के तौर पर बनी।
‘मालगुडी डेज’ से घर-घर पहुंचे अनंत नाग

फिल्मों के अलावा अनंत नाग को टेलीविजन के लोकप्रिय धारावाहिक ‘मालगुडी डेज’ से भी देशभर में पहचान मिली। दूरदर्शन के इस चर्चित शो ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बनाया। इसके बाद उनका नाम भारतीय मनोरंजन जगत के चर्चित कलाकारों में शामिल हो गया। अभिनय के साथ-साथ अनंत नाग ने सार्वजनिक जीवन में भी सक्रिय भूमिका निभाई और राजनीति में भी कदम रखा।
‘केजीएफ’ और ‘केजीएफ 2’ में भी किया काम
नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी अनंत नाग की लोकप्रियता बनी रही। उन्होंने कन्नड़ सुपरस्टार यश की चर्चित फिल्म सीरीज ‘केजीएफ’ और ‘केजीएफ 2’ में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस तरह उनका करियर भारतीय सिनेमा के अलग-अलग दौरों को जोड़ता नजर आता है। एक ओर उन्होंने शुरुआती दौर में क्षेत्रीय सिनेमा और टेलीविजन में अपनी पहचान बनाई, वहीं दूसरी ओर नई पीढ़ी की बड़ी फिल्मों का भी हिस्सा बने।
2025 में मिला था पद्म भूषण
अनंत नाग को वर्ष 2025 में देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था। अब दादा साहब फाल्के पुरस्कार के लिए उनके नाम की घोषणा उनके लंबे फिल्मी सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखी जा रही है। छह दशक के करीब फैले उनके करियर में सिनेमा के कई दौर और भाषाएं शामिल रही हैं। 22 सितंबर को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जाएगा।










