Anand Sagar Dies: 84 साल की उम्र में रामानंद सागर के बेटे का निधन, इंडस्ट्री में शोक की लहर

आनंद सागर, मशहूर फिल्ममेकर रामानंद सागर के बेटे, 13 फरवरी 2026 को 84 वर्ष की उम्र में निधन हो गए।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

फ़रवरी 14, 2026

Anand Sagar Dies: प्रसिद्ध फिल्ममेकर रामानंद सागर के पुत्र आनंद रामानंद सागर चोपड़ा का 13 फरवरी 2026 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले 10-12 वर्षों से पार्किंसंस बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर ने फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री में गहरा शोक फैला दिया। आनंद सागर का अंतिम संस्कार 13 फरवरी, 2026 को शाम 4:30 बजे मुंबई के पवन हंस में हिंदू श्मशान घाट पर किया गया। परिवार ने सभी शुभचिंतकों और फैंस से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया।

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परिवार ने किया ऑफिशियल अनाउंसमेंट

Anand Sagar Dies
रामानंद सागर के बेटे का निधन

सागर परिवार ने अपने दुख को साझा करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया,”हमें यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि हमारे प्यारे पिता, आनंद रामानंद सागर चोपड़ा का निधन हो गया। अंतिम संस्कार शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को शाम 4:30 बजे हिंदू श्मशान भूमि (पवन हंस) में किया गया। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें।”

आनंद सागर कौन थे?

आनंद सागर भारतीय टेलीविजन उद्योग के महत्वपूर्ण सदस्य और सागर आर्ट्स के प्रमुख थे। वे महान फिल्ममेकर रामानंद सागर के बेटे थे, जिन्होंने 1987 में टीवी सीरियल रामायण का निर्माण किया, जिसने भारतीय टेलीविजन का चेहरा बदल दिया। रामायण के प्रसारण के समय पूरे देश में सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था, और यह सीरियल हर उम्र के दर्शकों में लोकप्रिय हुआ।

आनंद सागर ने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए सागर आर्ट्स के बैनर तले कई पौराणिक और धार्मिक टीवी सीरियल्स का निर्माण किया। उन्होंने टीवी और फिल्म उद्योग में कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में अहम भूमिका निभाई।

टीवी और फिल्म से जुड़ा करियर

आनंद सागर ने 2008 में रामायण के रीमेक में भी योगदान दिया। इसके अलावा, उन्होंने अलिफ लैला, जय जय बजरंगबली, जय शिवशंकर जैसे पौराणिक और धार्मिक सीरियल्स का निर्माण किया। इसके साथ ही उन्होंने आंखें और अरमान जैसी फिल्मों में भी प्रोडक्शन में भाग लिया।

2005 में अपने पिता के निधन के बाद आनंद सागर ने परिवार की विरासत को संभाला और सागर आर्ट्स को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका योगदान भारतीय पौराणिक टीवी शो और धार्मिक कंटेंट को लोकप्रिय बनाने में हमेशा याद रखा जाएगा।

COVID-19 लॉकडाउन और रामायण की लोकप्रियता

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रामानंद सागर के बेटे का निधन

2020 में COVID-19 लॉकडाउन के दौरान रामायण को फिर से टेलीकास्ट किया गया, जिसने एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ व्यूअरशिप हासिल की। नई पीढ़ी ने भी इस क्लासिक सीरियल को उत्साहपूर्वक देखा। यह सागर परिवार की लगातार लोकप्रियता और उनके काम की स्थायी छवि का प्रमाण था। आनंद सागर का निधन सिर्फ एक परिवार के लिए नहीं बल्कि पूरे भारतीय टीवी और फिल्म उद्योग के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और उनकी बनाई विरासत आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रहेगी।

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