इंदौर में 350 करोड़ का ‘एलिवेटेड कॉरिडोर’ बनेगा, काम इस माह से शुरू, सॉयल टेस्टिंग के साथ मेट्रो भी जुड़ेगी

इंदौर आखिरकार फरवरी से इंदौर के एबी रोड पर नौलखा से एमआइजी चौराहे के बीच 350 करोड़ रुपए की लागत से एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण शुरू करने की कवायद हो गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इसकी तैयारी की गई। तीन चौराहों पर भुजाएं प्रस्तावित की गई है ताकि वाहन चालकों को सुविधा हो। ब्रिज पर रोटरी भी प्रस्तावित की जा रही है। वैसे एलिवेटेड कॉरिडोर (Elevated Corridor) के लिए सालों पहले प्लानिंग हुई थी। दो साल पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इंदौर आने पर निर्माण के लिए भूमिपूजन भी हो गया था। इसके बाद कॉरिडोर को लेकर

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Published On :

फ़रवरी 6, 2026

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इंदौर
आखिरकार फरवरी से इंदौर के एबी रोड पर नौलखा से एमआइजी चौराहे के बीच 350 करोड़ रुपए की लागत से एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण शुरू करने की कवायद हो गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इसकी तैयारी की गई। तीन चौराहों पर भुजाएं प्रस्तावित की गई है ताकि वाहन चालकों को सुविधा हो। ब्रिज पर रोटरी भी प्रस्तावित की जा रही है।

वैसे एलिवेटेड कॉरिडोर (Elevated Corridor) के लिए सालों पहले प्लानिंग हुई थी। दो साल पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इंदौर आने पर निर्माण के लिए भूमिपूजन भी हो गया था। इसके बाद कॉरिडोर को लेकर सवाल उठे तो सर्वे कराया गया। नौलखा से एमआइजी चौराहा (प्रेस कॉम्प्लेक्स तक) एलिवेटेड कॉरिडोर का प्रस्ताव था। लोगों ने आपत्ति लेते हुए सवाल उठाए कि ऐसे वाहन चालक बहुत कम होते है जो एबी रोड पर सीधे नौलखा से एमआइजी तक जाए। अधिकांश लोगों को बीच के इलाके में जाना होता है। यह रहवासी के साथ ही व्यवसायिक इलाका है।

दिसंबर में की गयी थी घोषणा

दिसंबर में मुख्यमंत्री ने एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के लिए निर्देशित किया, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी ने फिर प्लानिंग की। वैसे गुजरात की कंपनी को पहले यह ठेका मिल चुका था, निरस्त नहीं होने से कुछ भुगतान भी बिना काम करने की बात सामने आ रही है। अब बीआरटीएस कॉरिडोर भी खत्म किया जा रहा है, ऐसे में कॉरिडोर ब्रिज का महत्व बढ़ गया है। पीडब्ल्यूडी ने कॉरिडोर पर शिवाजी प्रतिमा चौराहा, गीता भवन चौराहा एवं पलासिया चौराहे पर भुजाएं प्रस्तावित की है। भुजाएं देने से बीच के इलाके में जाने वाले वाहन चालकों को फायदा होगा और ऐसे में कॉरिडोर का ज्यादा इस्तेमाल संभव हो पाएगा। 

 नौलखा से एलआईजी के बीच बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर फिर नया प्रस्ताव आया है, अब इसे चार लेन से बढ़ाकर 6 लेन करने की बात कही गई है. 

6 लेन करने का प्रस्ताव 

इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर को 6 लेन करने का प्रस्ताव दिया गया है, जनप्रतिनिधियों का कहना है कि एलिवेटेड ब्रिज जरूरी है. क्योंकि इससे ही जाम कम होगा, लेकिन इसकी चौड़ाई 4 की जगह 6 लेन की होनी चाहिए, जबकि इसे नौलखा से आगे राजीव गांधी चौराहा और राऊ के साथ-साथ एलआईजी के आगे तक बनाया जाना चाहिए, क्योंकि इससे ट्रैफिक की समस्या और दूर होगी. वहीं इस ब्रिज को मेट्रो से जोड़ने का प्रावधान करने की बात भी कही है, जिसमें मुख्य चौराहों पर एलिवेटेड रोटरी जैसे प्रावधान करने का प्रस्ताव रखा गया है. 

ट्रैफिक अलर्ट: आंशिक रुकावट, जल्द जारी होगा डायवर्जन प्लान वर्तमान में सॉयल टेस्टिंग के कारण सड़क पर अस्थायी टीन लगाए गए हैं। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, 15 फरवरी से जब भारी मशीनें मौके पर पहुंचेंगी और खुदाई शुरू होगी, तब ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर एक विस्तृत ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी किया जाएगा, ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो।

15 फरवरी से काम 

बताया जा रहा है कि इंदौर में इस ब्रिज का काम 15 फरवरी से शुरू हो जाएगा, क्योंकि यह ब्रिज इंदौर में अगले 50 साल तक ट्रैफिक की समस्या को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है, इसलिए इस पर जल्दबाजी नहीं करने की बात कही गई है. इंदौर की ट्रैफिक समस्या को दूर करने के साथ-साथ ब्रिज के विस्तार पर भी काम करने की बात कही गई है. जिसमें इंदौर के सभी जनप्रतिनिधियों ने अपनी राय दी है. बताया जा रहा है कि फिलहाल ब्रिज को 4 लेन में बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, लेकिन अब इसे 6 लेन का करने की बात कही है.  

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