आदिवासी महोत्सव में पहुंचेंगे Amit Shah, एमपी के कई क्षेत्रों को मिलेंगी बड़ी सौगातें

भोपाल प्रदेश का पहला बैगा महोत्सव शहडोल में नहीं, बल्कि बालाघाट में होगा। जिले में स्थान के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। यह जिला मुख्यालय या आसपास के क्षेत्रों में मार्च के अंत या अप्रैल के पहले सप्ताह में होगा। इसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे। आदिवासी समाज से आने वाले अन्य केंद्रीय व राज्य के मंत्री व प्रमुख जन भी हिस्सा लेंगे। प्रदेश में नक्सलियों के खात्मे के बाद सरकार पहला बड़ा आयोजन करने जा रही है, इसका मकसद आदिवासी समाज को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए अतिरिक्त प्रयास करना और नक्सली

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Published On :

मार्च 10, 2026

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भोपाल
प्रदेश का पहला बैगा महोत्सव शहडोल में नहीं, बल्कि बालाघाट में होगा। जिले में स्थान के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। यह जिला मुख्यालय या आसपास के क्षेत्रों में मार्च के अंत या अप्रैल के पहले सप्ताह में होगा। इसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे। आदिवासी समाज से आने वाले अन्य केंद्रीय व राज्य के मंत्री व प्रमुख जन भी हिस्सा लेंगे। प्रदेश में नक्सलियों के खात्मे के बाद सरकार पहला बड़ा आयोजन करने जा रही है, इसका मकसद आदिवासी समाज को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए अतिरिक्त प्रयास करना और नक्सली गतिविधियों के कारण विकास से पिछड़े बालाघाट, मंडला जैसे जिलों पर अतिरिक्त ध्यान देना है।

गृह मंत्री ने कार्य योजना को सराहा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर उक्त महोत्सव की कार्य योजना बनाई गई, इसे केंद्रीय गृहमंत्री के सामने रखा गया, उन्होंने भी इसे सराहा है साथ ही उक्त महोत्सव में सहभागी बनने की इच्छा भी जताई है। बता दें, केंद्र ने नक्सलियों के खात्मे के लिए राज्य को मार्च-अप्रैल तक की गाइडलाइन दी थी लेकिन उसके तीन महीने पहले ही मप्र पुलिस और एजेंसियों ने मिलकर चिह्नित नक्सलियों का खात्मा कर दिया। कई को मार गिराया तो कुछ ने सरकार के समक्ष समर्पण किए थे।

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नक्सल से प्रभावित क्षेत्र को मिलेंगी सौगातें
बैगा महोत्सव में आदिवासी समाज के उन लोगों को बड़ी सौगात मिल सकती है जो लंबे समय तक नक्सलियों के चंगुल में रहे। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री के निर्देश पर ऐसे क्षेत्रों की जरुरतों का अलग से रोडमैप तैयार कर लिया है। इसका मकसद आदिवासी समाज को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए अतिरिक्त प्रयास करना और नक्सली गतिविधियों के कारण विकास से पिछड़े बालाघाट, मंडला जैसे जिलों पर अतिरिक्त ध्यान देना है। हालांकि अभी भी सरकार ने नक्सलियों के विरुद्ध अभियान को बंद नहीं किया, बल्कि यह आगे भी जारी रहेगा। क्षेत्र में सख्ती के साथ सर्च अभियान जारी है।

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