Amit Shah Bengal Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को दक्षिण 24 परगना के मथुरापुर से भारतीय जनता पार्टी की ‘परिवर्तन यात्रा’ का औपचारिक आगाह किया। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी पर तीखे हमले किए। शाह ने घुसपैठ की समस्या को उठाते हुए कहा कि जब वोटर लिस्ट से अवैध घुसपैठियों के नाम हटाए जाते हैं, तो ममता दीदी को दर्द होता है। उन्होंने हुंकार भरते हुए वादा किया कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर राज्य की सीमा से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
कार्यकर्ताओं पर हमले और कानून-व्यवस्था को लेकर चेतावनी
पंचायत चुनावों के दौरान हुई हिंसा का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले किए गए। कई कार्यकर्ताओं को मौत के घाट उतार दिया गया, तो कई आज भी अपने घर नहीं लौट पाए हैं। उन्होंने ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें लगता है कि हिंसा से भाजपा डर जाएगी, तो यह उनकी भूल है। शाह ने कड़े शब्दों में कहा, “मथुरापुर की धरती से मैं कह रहा हूँ, एक बार भाजपा की सरकार बना दीजिए, हम गुंडों को उल्टा लटकाकर सीधा कर देंगे और अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजेंगे।”
भतीजे के कल्याण और घोटालों का लगाया गंभीर आरोप
अमित शाह ने टीएमसी सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि ममता बनर्जी का उद्देश्य बंगाल की जनता का कल्याण करना नहीं, बल्कि अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाना है। उन्होंने राज्य में हुए विभिन्न घोटालों की लंबी सूची गिनाई, जिसमें शिक्षक भर्ती, नगर निगम भर्ती, गाय तस्करी, राशन, मनरेगा और पीएम आवास योजना जैसे घोटाले शामिल हैं। शाह ने आरोप लगाया कि इन घोटालों को संरक्षण देने वाले अधिकारियों को ईनाम के तौर पर राज्यसभा भेजा जा रहा है, जो बंगाल के लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है।
बजट और तुष्टिकरण की राजनीति पर तीखा तंज
बंगाल के हालिया बजट का विश्लेषण करते हुए गृह मंत्री ने तुष्टिकरण की राजनीति पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ममता सरकार ने साइंस और टेक्नोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र के लिए मात्र 80 करोड़ रुपये आवंटित किए, जबकि मदरसों के लिए 5,700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। उन्होंने सवाल पूछा कि क्या सरकार की प्राथमिकता युवाओं को रोजगार देना है या केवल मदरसों की संख्या बढ़ाना? शाह ने कहा कि इस तरह के तुष्टिकरण से बंगाल का विकास संभव नहीं है।
आर्थिक बदहाली और 7वें वेतन आयोग का बड़ा वादा
अमित शाह ने बंगाल की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में राज्य 8 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूब चुका है। आज बंगाल में जन्म लेने वाले हर बच्चे पर 77 हजार रुपये का कर्ज है। सरकारी कर्मचारियों की दुर्दशा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे देश में 7वां वेतन आयोग लागू है, लेकिन बंगाल के कर्मचारी अभी भी 6वें वेतन आयोग पर अटके हैं। उन्होंने ऐतिहासिक वादा किया कि भाजपा सरकार आने के मात्र 45 दिनों के भीतर बंगाल के कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
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