Amit Shah Convoy Incident: सुवेंदु अधिकारी और अमित शाह के काफिले के पास बवाल, इलेक्शन कमीशन ने 4 पुलिस अफसरों को किया निलंबित

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सुवेंदु अधिकारी के काफिले के पास 1 अप्रैल को हुई सुरक्षा चूक और तनाव के मामले में भारत निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने कोलकाता पुलिस के एक उपायुक्त (DC) समेत चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पुलिस कमिश्नर से जवाब मांगा है।

Amit Shah Convoy Incident

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 5, 2026

Amit Shah Convoy Incident: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने शनिवार को एक बहुत बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के काफिले के पास हुई सुरक्षा चूक और तनाव की घटना पर कड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने इस गंभीर लापरवाही के मामले में कोलकाता पुलिस के चार बड़े अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। बता दें कि यह अप्रिय घटना 1 अप्रैल को उस समय घटित हुई थी, जब दोनों शीर्ष नेताओं का काफिला दक्षिण कोलकाता स्थित अलीपुर सर्वे भवन की तरफ जा रहा था। वहां सुवेंदु अधिकारी हाई-प्रोफाइल भवानीपुर विधानसभा सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल करने जा रहे थे।

जानिए कौन-कौन से पुलिसकर्मी हुए सस्पेंड?

चुनाव आयोग द्वारा जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की यह बड़ी गाज गिराई गई है, उनमें कोलकाता पुलिस के एक पुलिस उपायुक्त (DC Level Officer) सहित चार नाम शामिल हैं। आयोग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, द्वितीय उपायुक्त (दक्षिण) सिद्धार्थ दत्ता, अलीपुर थाने के थाना प्रभारी (SHO) प्रियांकर चक्रवर्ती, अतिरिक्त प्रभारी चांदी चरण बनर्जी और अलीपुर क्षेत्र के सार्जेंट सौरभ चटर्जी को सस्पेंड कर दिया गया है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध ईसीआई के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा ने इस संबंध में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला को एक आधिकारिक पत्र लिखकर इन सभी दोषी अधिकारियों को फौरन निलंबित करने और उनके विरुद्ध कड़ा विभागीय अनुशासनात्मक एक्शन शुरू करने का कड़ा निर्देश दिया है।

निर्वाचन आयोग की डेडलाइन

केंद्रीय चुनाव आयोग की तरफ से भेजे गए इस कड़े पत्र में साफ तौर पर यह हिदायत दी गई थी कि इस सस्पेंशन ऑर्डर का तुरंत और बिना किसी देरी के पालन सुनिश्चित किया जाए। चुनाव आयोग ने सख्त लहजे में राज्य सरकार से 5 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे तक पूरी एक्शन टेकन रिपोर्ट (अनुपालन रिपोर्ट) भेजने को कहा था। इसके अलावा, चुनाव ड्यूटी और कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए आयोग ने राज्य प्रशासन से इन सस्पेंड हुए पुलिस अफसरों की जगह खाली पड़े पदों को जल्द से जल्द नए काबिल चेहरों से भरने के लिए नए नाम व प्रस्ताव भी मांगे हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नाराजगी

इस बड़ी कार्रवाई की पृष्ठभूमि शुक्रवार से ही तैयार होने लगी थी, जब कोलकाता पुलिस ने गृह मंत्री की सुरक्षा में हुई इस गंभीर कोताही को लेकर सिद्धार्थ दत्ता और द्वितीय उपायुक्त (रिजर्व फोर्स) मानस रॉय को कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज नोटिस) थमा दिया था। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार बेहद नाराज दिखे। इस हफ्ते की शुरुआत में जब राज्य के आला प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ इलेक्शन कमीशन की एक अहम वर्चुअल मीटिंग हुई, तो उसमें नए नियुक्त कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद को मुख्य चुनाव आयुक्त के तीखे तेवरों और भारी नाराजगी का सामना करना पड़ा।

सीईसी ने पुलिस कमिश्नर से सीधा सवाल दागा कि आखिर इस बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण स्थिति को समय रहते काबू करने या रोकने के लिए पुलिस महकमे ने पहले से पुख्ता और एहतियाती इंतजाम क्यों नहीं किए थे। फिलहाल, दक्षिण कोलकाता के दो अलग-अलग थानों में दर्ज कुल तीन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने इस पूरे बवाल में दो एफआईआर भी दर्ज कर ली हैं।