Amit Shah Vande Mataram: कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वंदे मातरम के गायन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी में बदल गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार, 16 अगस्त को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और सोनिया गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस से देश की जनता और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय से माफी मांगने की मांग की।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के चलते वंदे मातरम को भुला दिया था। उन्होंने कहा कि आज जब देश में वंदे मातरम को दोबारा सम्मान और प्रमुखता मिल रही है, तब कांग्रेस की ओर से इस तरह का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
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‘देश की जनता आपको देख रही है’
चित्तौड़गढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस मुख्यालय में हुए वंदे मातरम के गायन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यालय में वंदे मातरम का गान चल रहा था और उसी दौरान सोनिया गांधी द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष को इसे रोकने का इशारा किए जाने का दावा सामने आया।
अमित शाह ने कहा कि पूरा देश इस घटनाक्रम को टीवी पर देख रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े और देशभक्ति की भावना का प्रतीक माने जाने वाले वंदे मातरम का गायन आखिर बीच में कैसे रोका जा सकता है।
गृहमंत्री ने सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की 140 करोड़ जनता इस घटनाक्रम को देख रही है। उन्होंने इसे देश की भावनाओं से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने इस कथित कृत्य के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
‘थोड़ी भी शर्म बची है तो माफी मांगें’
अमित शाह ने अपने बयान में कहा कि अगर कांग्रेस में थोड़ी भी शर्म बाकी है तो पार्टी को दोनों हाथ जोड़कर बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रभक्ति से जुड़ी एक ऐतिहासिक रचना है।
उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की इस अमर कृति के शब्दों ने आजादी के आंदोलन में लोगों के भीतर देशभक्ति की भावना को मजबूत किया था। अमित शाह के मुताबिक, हजारों-लाखों लोगों ने ‘वंदे मातरम’ के भाव को आत्मसात करते हुए देश की आजादी के लिए बलिदान दिया।
वोट बैंक की राजनीति का लगाया आरोप
गृहमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने राजनीतिक फायदे और वोट बैंक के कारण वंदे मातरम को वह सम्मान नहीं दिया, जिसका वह हकदार था। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के प्राकट्य के 150 वर्ष पूरे होने का यह महत्वपूर्ण अवसर है। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से वंदे मातरम को फिर से देश के केंद्र में लाने और इसे नया सम्मान देने का काम किया है।
क्या है वंदे मातरम विवाद?
दरअसल, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत पार्टी के कई नेता मौजूद थे। ध्वजारोहण के बाद वंदे मातरम का गायन हुआ। इसी दौरान सोनिया गांधी के कुछ इशारे करने का वीडियो सामने आया, जिसके बाद दावा किया गया कि उन्होंने वंदे मातरम का गायन बीच में रोकने को कहा था। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सफाई दी कि कार्यक्रम में पूरा वंदे मातरम गाया गया था। पार्टी के मुताबिक, मामले को लेकर गलत धारणा बनाई जा रही है।
फिलहाल, वंदे मातरम को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है और यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
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