Amit Shah Bengal Visit : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय का आगाज़ हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य की कमान संभालने के लिए शुभेंदु अधिकारी के नाम पर आधिकारिक मुहर लगा दी है। कोलकाता में आयोजित बीजेपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया। केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि राज्य के प्रशासनिक संतुलन को साधने के लिए दो उपमुख्यमंत्री भी बनाए गए हैं। अग्निमित्रा पॉल और निसिथ प्रमाणिक को डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस घोषणा के साथ ही बंगाल में करीब डेढ़ दशक से चले आ रहे ममता बनर्जी के शासन का औपचारिक अंत हो गया है और बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता की चाबी अपने हाथ में ले ली है।
अमित शाह का भावुक संबोधन: जनता के भरोसे पर जताया आभार
विधायक दल की बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकासवाद और विजन पर अटूट भरोसा जताया है। शाह ने हाथ जोड़कर राज्य की जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह जीत केवल बीजेपी की नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की है जो दशकों से भयमुक्त बंगाल का सपना देख रहे थे। उन्होंने कहा कि लेफ्ट और टीएमसी के ‘खूनी शासन’ के बावजूद जनता ने जिस तरह से प्रचंड जनादेश दिया है, वह लोकतंत्र की सबसे बड़ी जीत है। शाह ने उन 321 कार्यकर्ताओं को भी याद किया जिन्होंने बंगाल में कमल खिलाने के लिए अपनी जान की आहुति दे दी।
‘अपराधी नहीं बनेंगे नेता’ और कटमनी सिस्टम पर प्रहार
गृह मंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि बीजेपी के शासन में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब राज्य में अपराधी नेता बनकर जनता पर धौंस नहीं जमा पाएंगे। इसके साथ ही, उन्होंने बंगाल की राजनीति में जड़ें जमा चुके ‘कटमनी’ और सिंडिकेट कल्चर को पूरी तरह खत्म करने का संकल्प दोहराया। शाह ने कहा कि भ्रष्टाचार और हिंसा का दौर अब बीत चुका है। बैठक के दौरान उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। शाह ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी की नीतियों और व्यवहार के कारण ही राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन बिखर रहा है।
कम्युनिस्ट और टीएमसी शासन के काले दौर की चर्चा
अमित शाह ने बंगाल के राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि कम्युनिस्ट राज ने राज्य में जो दमनकारी माहौल बनाया था, ममता बनर्जी ने उसे और भी ज्यादा गहरा और हिंसक कर दिया था। एक समय ऐसा था जब राज्य में निष्पक्ष होकर वोट डालना भी असंभव सा हो गया था, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व ने लोगों के मन से डर निकाल दिया। उन्होंने यकीन दिलाया कि बंगाल की जनता ने जिन उम्मीदों के साथ बीजेपी को यह जनादेश दिया है, पार्टी उन पर खरा उतरने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। बीजेपी का एकमात्र लक्ष्य बंगाल को उसके खोये हुए गौरव को वापस दिलाना है।
सोनार बांग्ला का संकल्प: संस्कृति और परंपरा की वापसी
बैठक के समापन पर शाह ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराया। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल सरकार चलाना नहीं, बल्कि ‘सोनार बांग्ला’ के सपने को हकीकत में बदलना है। बंगाल को विदेशी और विनाशकारी विचारधाराओं से मुक्त कराकर, यहाँ फिर से रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद और कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर की कल्पना वाले बंगाल का निर्माण करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल की समृद्ध संस्कृति और परंपरा को फिर से विश्व पटल पर स्थापित किया जाएगा। सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में यह नई सरकार विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के मार्ग पर आगे बढ़ेगी।
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