UP Politics: सपा विधायक महाराजी देवी के घर पर हमला, ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश को घेरा

उत्तर प्रदेश के अमेठी में समाजवादी पार्टी की महिला विधायक महाराजी देवी के आवास पर कुछ स्थानीय नेताओं द्वारा मारपीट और गाली-गलौज का मामला सामने आया है। इस घटना पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर 'यादव मोह' में अंधा होने का आरोप लगाते हुए सपा के 'पीडीए' नारे को ढोंग बताया है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 28, 2026

UP Politics: उत्तर प्रदेश के अमेठी में समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर पनप रही अंदरूनी कलह अब सार्वजनिक रूप से सड़क पर आ गई है। सपा की महिला विधायक महाराजी देवी के आवास पर हुए कथित हंगामे, गाली-गलौज और मारपीट की घटना ने राज्य के राजनीतिक पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सीधे सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर बेहद तीखा और आक्रामक हमला बोला है।

ओम प्रकाश राजभर का सपा प्रमुख पर तीखा हमला

बताते चले कि, सपा विधायक के घर पर हुए बवाल के तुरंत बाद कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बेहद आक्रामक बयान जारी किया। उन्होंने सपा के आंतरिक ढांचे पर सवाल उठाते हुए सीधे अखिलेश यादव को घेरा। राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के भीतर गैर-यादव पिछड़ी जातियों और शोषित-दलित समाज के कार्यकर्ताओं की औकात केवल पार्टी का झंडा-झोला ढोने, नेताओं के लिए दरी बिछाने और चुनाव में चुपचाप वोट देने तक ही सीमित रह गई है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब बात सम्मान, सुरक्षा और सत्ता में भागीदारी की आती है, तो ‘पहिला दावा’ सिर्फ एक विशेष वर्ग का होता है, बाकी सभी को हाशिए पर धकेल दिया जाता है।

‘महाभारत के धृतराष्ट्र’ से की अखिलेश यादव की तुलना

अमेठी कांड पर मुख्य विपक्षी दल के मुखिया की रहस्यमयी चुप्पी पर गहरा रोष जताते हुए सुभासपा अध्यक्ष ने अखिलेश यादव की तुलना महाभारत के धृतराष्ट्र से कर दी। राजभर ने कहा कि जिस तरह धृतराष्ट्र अपने पुत्र मोह में पूरी तरह अंधे हो गए थे और उन्हें कौरवों के पाप दिखाई नहीं दे रहे थे, ठीक उसी तरह आज अखिलेश यादव भी ‘यादव मोह’ में आंखें मूंदे बैठे हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिला विधायक का बेटा स्वयं कैमरे के सामने रो-रोकर आरोपियों के नाम उजागर कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद सपा आलाकमान अपने ही दल की प्रजापति समाज से आने वाली माननीय महिला जनप्रतिनिधि के सम्मान की रक्षा करने के बजाय पूरी तरह मौन साधे हुए है।

सपा के ‘पीडीए’ (PDA) नारे पर गंभीर सवाल

अखिलेश यादव के सबसे चर्चित सियासी फॉर्मूले ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को आड़े हाथों लेते हुए ओम प्रकाश राजभर ने इसे पूरी तरह खोखला और ढोंग करार दिया। उन्होंने कहा कि केवल ट्विटर, एयर कंडीशनर (AC) कमरों और प्रेस कॉन्फ्रेंस (PC) तक सीमित रहने वाले सपा नेता का असली चेहरा अब जनता के सामने बेनकाब हो चुका है। राजभर ने दावा किया कि बहुजन समाज की तमाम छोटी-बड़ी जातियां अब इस कड़वी हकीकत को भांप चुकी हैं कि सपा के लिए पीडीए सिर्फ एक चुनावी पोस्टर का लोकलुभावन नारा है, जबकि असलियत में गैर-यादव पिछड़ों और दलितों के हिस्से में केवल नेताओं का अपमान और प्रताड़ना ही आती है।

अमेठी में आधी रात को मची चीख-पुकार

इस पूरे सियासी संग्राम की शुरुआत मंगलवार की रात अमेठी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली आवास विकास कॉलोनी से हुई। यहां स्थित समाजवादी पार्टी की स्थानीय विधायक महाराजी देवी के सरकारी आवास के बाहर अचानक दो दर्जन से ज्यादा उपद्रवियों ने धावा बोल दिया। विधायक के परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दो स्कॉर्पियो गाड़ियों और कई मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए दबंगों ने घर को घेरकर भद्दी-भद्दी गालियां देना शुरू कर दिया। जब विधायक के बेटे अनुराग प्रजापति ने इस गुंडागर्दी का विरोध किया, तो दबंगों ने उनके साथ जमकर मारपीट की और बीच-बचाव करने आए लोगों को जान से मारने की सीधी धमकी दी।

कोतवाली में नामजद एफआईआर दर्ज

घटना के बाद पीड़ित विधायक के बेटे अनुराग प्रजापति ने सूझबूझ दिखाते हुए अमेठी कोतवाली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस को दी गई तहरीर में जय सिंह प्रताप यादव, शेर बहादुर यादव और बलराम यादव समेत कई स्थानीय रसूखदार लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। हालांकि पुलिस प्रशासन शुरुआती तौर पर इस हिंसक झड़प की वजह सोशल मीडिया पर हुए किसी आपसी विवाद को मान रहा है, परंतु स्थानीय राजनीतिक गलियारों में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि विधानसभा चुनाव में महाराजी देवी को टिकट दिए जाने के समय से ही क्षेत्र के कुछ स्थापित यादव नेता उनसे भीतर ही भीतर गंभीर रूप से नाराज चल रहे थे, जो अब इस हिंसक रूप में बाहर आया है। स्थानीय पुलिस बल मामले की गहन तफ्तीश में जुटा है।