Ambaji Temple Row : अयोध्या के बाद अंबाजी मंदिर में महाचोरी का खुलासा, एक्सक्लूसिव CCTV ने खोले कई राज

अंबाजी मंदिर में हुई कथित महाचोरी के मामले में सामने आई एक्सक्लूसिव CCTV फुटेज ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। वीडियो में दिखे कुछ अहम सुरागों के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर चोरी कैसे हुई, कौन लोग जांच के दायरे में हैं और CCTV में क्या कैद हुआ? जानिए पूरी रिपोर्ट।

Ambaji Temple Row

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 14, 2026

Ambaji Temple Row : गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी मंदिर के दानपात्र में चोरी का मामला अब एक बेहद सनसनीखेज मोड़ पर पहुँच गया है। मंदिर प्रशासन और पुलिस के लिए सिरदर्द बनी यह घटना केवल एक दिन की नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से लंबे समय से चल रही थी। टाइम्स नाउ नवभारत के हाथ लगे एक्सक्लूसिव सीसीटीवी फुटेज ने इस महाचोरी का पर्दाफाश कर दिया है। फुटेज में मुख्य आरोपी चिराग ठाकोर को बेहद शातिर तरीके से दान के पैसे चुराते हुए देखा जा सकता है, जो मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध गतिविधि का खुलासा

वायरल हो रहा यह सीसीटीवी फुटेज 21 अप्रैल 2026 का बताया जा रहा है, जबकि इस चोरी का खुलासा आधिकारिक तौर पर 7 मई 2026 को हुआ था। फुटेज में मुख्य आरोपी चिराग ठाकोर को नोटों के बंडल को बड़ी चालाकी से अपने पैर के नीचे छिपाते और फिर पायजामे में रखते हुए देखा जा सकता है। यह फुटेज इस बात का संकेत है कि आरोपी काफी समय से मां अंबा के खजाने पर हाथ साफ कर रहे थे। गौरतलब है कि मई महीने में जब चोरी का मामला सामने आया, तब भंडार गृह के सीसीटीवी कैमरे रहस्यमय तरीके से बंद मिले थे, जिससे इस पूरी वारदात में मिलीभगत की आशंका और भी प्रबल हो गई है।

जमानत पर बाहर हैं आरोपी, जांच जारी

इस मामले में मुख्य आरोपी चिराग ठाकोर के अलावा मंदिर के दो अन्य कर्मचारी विवेक शर्मा और निकुंज पटेल का नाम भी सामने आया था। दोनों कर्मचारी वायरमैन के रूप में कार्यरत थे और उन पर सीसीटीवी सिस्टम से छेड़छाड़ करने के गंभीर आरोप लगे हैं। हालांकि पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, लेकिन वर्तमान में वे जमानत पर बाहर हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि पिछले एक साल के सीसीटीवी रिकॉर्ड की गहन जांच की जाए, तो चोरी की यह राशि लाखों में पहुँच सकती है।

प्रशासन ने बदले सुरक्षा के कड़े नियम

घटना के बाद बनासकांठा जिला प्रशासन और अंबाजी मंदिर ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। कलेक्टर मिहिर पटेल के अनुसार, अब दान की गिनती 20 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की सीधी निगरानी में होगी। फुटेज का बैकअप अब 30 दिनों के बजाय 6 महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा और गिनती प्रक्रिया का लाइव प्रसारण मंदिर परिसर की एलईडी स्क्रीन पर किया जाएगा। सुरक्षा मानकों को और सख्त करते हुए कर्मचारियों की मेटल डिटेक्टर से जांच अनिवार्य कर दी गई है और बड़े जेब वाले कपड़े पहनने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

7 मई की वह घटना जिसने खोला पूरा खेल

7 मई 2026 को दान की गिनती के दौरान लगभग 1.04 लाख रुपये की चोरी का मामला तब सामने आया, जब चिराग ठाकोर के कपड़ों से नोट गिर गए। इस घटना के बाद तीनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नई एसओपी (SOP) लागू की गई है। अंबाजी मंदिर की यह घटना इस बात का प्रतीक है कि पवित्र स्थानों पर भी सुरक्षा के प्रति सतर्कता कितनी आवश्यक है।

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