Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बाबा बर्फानी के दर्शन करने की इच्छा रखने वाले भक्तों के लिए इस वर्ष रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू हो गई है। हर साल लाखों श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बनते हैं और इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार, यात्रा का आयोजन 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगा।
रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण दो तरीकों से किया जा सकता है—ऑनलाइन और ऑफलाइन।
ऑनलाइन प्रक्रिया
इच्छुक श्रद्धालु SASB की आधिकारिक वेबसाइट jksasb.nic.in पर जाकर अपना आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, बोर्ड द्वारा जारी मोबाइल ऐप के माध्यम से भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है।
ऑफलाइन प्रक्रिया
जो लोग ऑफलाइन आवेदन करना चाहते हैं, वे देशभर की अधिकृत बैंक शाखाओं में जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। इनमें पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, जम्मू एंड कश्मीर बैंक, यस बैंक और एक्सिस बैंक की 540 से अधिक शाखाएं शामिल हैं।
जरूरी दस्तावेज
अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- कंपल्सरी हेल्थ सर्टिफिकेट (CHC), जो केवल अधिकृत डॉक्टरों द्वारा जारी किया गया हो
- आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट में से कोई एक पहचान पत्र
- हाल की 4 से 5 पासपोर्ट साइज फोटो
ध्यान रहे कि हेल्थ सर्टिफिकेट 8 अप्रैल 2026 के बाद जारी होना चाहिए, अन्यथा वह मान्य नहीं होगा।
इसके अलावा, रजिस्ट्रेशन शुल्क 150 रुपये निर्धारित किया गया है, जिसे ऑनलाइन या बैंक के माध्यम से जमा करना अनिवार्य है।
अमरनाथ यात्रा के लिए 15 अप्रैल से एडवांस रजिस्ट्रेशन शुरू, 554 बैंक ब्रांच में होगी सुविधा उपलब्ध
यात्रा से जुड़े नियम
श्राइन बोर्ड ने अमरनाथ यात्रा के लिए कुछ सख्त नियम बनाए हैं ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके:
- केवल 13 से 70 वर्ष की आयु के व्यक्ति ही यात्रा कर सकते हैं
- 13 वर्ष से कम और 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को अनुमति नहीं दी जाएगी
- 6 सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं है
- हर यात्री को RFID (Radio Frequency Identification) कार्ड दिया जाएगा, जिसे पूरी यात्रा के दौरान गले में पहनना अनिवार्य होगा
इस कार्ड के माध्यम से सुरक्षा एजेंसियां यात्रियों की निगरानी और लोकेशन ट्रैक कर सकती हैं।
यात्रा मार्गों की जानकारी

श्रद्धालु अपनी सुविधा और क्षमता के अनुसार दो प्रमुख मार्गों में से किसी एक का चयन कर सकते हैं।
पहलगाम मार्ग
यह मार्ग लगभग 48 किलोमीटर लंबा है। यह अपेक्षाकृत आसान माना जाता है, लेकिन यात्रा पूरी करने में 3 से 4 दिन लगते हैं। इस रास्ते में चढ़ाई धीरे-धीरे होती है, जिससे यात्रियों को अनुकूलन का समय मिलता है।









