Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा 2026 के दौरान सोमवार की सुबह जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक हृदयविदारक सड़क हादसा हुआ। रामबन जिले के चंदरकोट लंगर स्थल के पास श्रद्धालुओं से भरी दो बसों और एक कार के आपस में टकरा जाने से अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में कुल 18 श्रद्धालु घायल हो गए, जिससे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के दावों पर सवाल उठने लगे हैं।
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कैसे हुआ यह भीषण हादसा?
अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार सुबह करीब 7:20 बजे की है। अमरनाथ यात्रियों का एक बड़ा काफिला कश्मीर की ओर बढ़ रहा था। चंदरकोट के पास अचानक काफिले में शामिल एक बस का ब्रेक फेल हो गया। अनियंत्रित बस की गति इतनी अधिक थी कि उसने आगे चल रहे वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। इस श्रृंखला अभिक्रिया (chain reaction) में पीछे से आ रही एक और बस और एक कार भी इस टक्कर की चपेट में आ गईं। आमने-सामने की इस भिड़ंत ने तीनों वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
राहत और बचाव कार्य
हादसा होते ही मौके पर मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल ने त्वरित कार्रवाई की। घायलों को तत्काल प्रभाव से जिला अस्पताल रामबन में भर्ती कराया गया।
जिला अस्पताल रामबन के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुदर्शन सिंह कटोच ने बताया कि अस्पताल में कुल 18 घायलों को लाया गया था। राहत की बात यह रही कि सभी यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद स्थिर पाया गया। उनकी स्थिति सामान्य होने के कारण उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। किसी भी गंभीर जनहानि की सूचना न होना प्रशासन के लिए एक बड़ी राहत है।
यातायात पर असर और प्रशासनिक निर्देश
इस सड़क दुर्घटना के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ घंटों के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले अन्य यात्रियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बचाव कार्य संपन्न होने और क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाए जाने के बाद यातायात को धीरे-धीरे सामान्य किया गया।
पुलिस ने इस मामले में दुर्घटना का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने इस घटना को एक सबक के रूप में लेते हुए सभी वाहन चालकों को कड़े निर्देश दिए हैं। यात्रियों और चालकों से अपील की गई है कि वे लंबी और पहाड़ी यात्रा के दौरान वाहनों की तकनीकी जांच अवश्य करवाएं और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें। पहाड़ी रास्तों पर अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है ताकि पवित्र यात्रा निर्बाध और सुरक्षित तरीके से पूर्ण हो सके।
प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि यात्रा मार्ग पर चलने वाले वाहनों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की मानवीय या तकनीकी भूलों से होने वाले हादसों को रोका जा सके। फिलहाल, हाईवे पर आवाजाही बहाल है और यात्रा सामान्य रूप से जारी है।
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