Ali Larijani Death 2026: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान से एक हृदयविदारक और रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। ईरान के कद्दावर नेता और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) के सचिव अली लारीजानी की इज़रायली हवाई हमले में शहादत के बाद तेहरान के शहीद स्मारक से उनकी पहली कथित तस्वीर वायरल हुई है। इस तस्वीर में अली लारीजानी और उनके बेटे मोर्तजा लारीजानी के ताबूत एक साथ रखे दिखाई दे रहे हैं। पिता और पुत्र के शवों की यह एक साथ मौजूदगी न केवल ईरान में शोक की लहर पैदा कर रही है, बल्कि पूरे क्षेत्र में युद्ध की लपटों को और तेज करने का संकेत दे रही है।
तेहरान के शहीद स्मारक से भावुक तस्वीरें: पिता-पुत्र का अंतिम सफर
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों ने ईरानी जनता को झकझोर कर रख दिया है। तेहरान के शहीद स्मारक पर रखे गए इन ताबूतों में अली लारीजानी का शव उनके बेटे मोर्तजा की पार्थिव देह के ठीक बगल में रखा गया है। यह दृश्य ईरान के लिए एक बड़ा राष्ट्रीय आघात है। अली लारीजानी केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे ईरान के सुरक्षा तंत्र की रीढ़ माने जाते थे। उनके बेटे की इस हमले में मौत ने इस त्रासदी को व्यक्तिगत और राष्ट्रीय, दोनों स्तरों पर अत्यंत गंभीर बना दिया है।
हमले का विवरण: बेटी के घर को इज़रायल ने बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार, यह घातक हमला राजधानी तेहरान के उत्तर-पूर्वी इलाके परदिस में हुआ। अली लारीजानी उस समय अपनी बेटी के आवास पर मौजूद थे और परिवार के साथ समय बिता रहे थे। इज़रायली खुफिया तंत्र और वायुसेना ने सटीक जानकारी के आधार पर इस स्थान को टारगेट किया। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि घर का एक बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया। इज़रायल के रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज ने इस ऑपरेशन की सफलता का दावा करते हुए पहले ही पुष्टि कर दी थी कि लारीजानी को “खत्म” कर दिया गया है।
भारी नुकसान: डिप्टी और बॉडीगार्ड्स सहित कई की शहादत
इस हवाई हमले में केवल लारीजानी परिवार को ही नुकसान नहीं हुआ, बल्कि ईरान के सुरक्षा ढांचे को भी गहरा घाव लगा है। अली लारीजानी के साथ उनके डिप्टी अलीरेजा बायात और उनके कई भरोसेमंद बॉडीगार्ड्स भी इस हमले में शहीद हो गए। ईरानी सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि हमला उस समय हुआ जब लारीजानी एक निजी दौरे पर थे। एक साथ इतने उच्च स्तरीय अधिकारियों का मारा जाना ईरान के आंतरिक सुरक्षा घेरे पर बड़े सवाल खड़े करता है और इज़रायल की पहुंच की गहराई को दर्शाता है।
“आजीवन सेवक” की विदाई: ईरान में आक्रोश और बदले की पुकार
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने एक आधिकारिक बयान जारी कर अली लारीजानी को “इस्लामी गणराज्य का आजीवन सेवक” घोषित किया है। परिषद ने उनकी शहादत की पुष्टि करते हुए इसे राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। इस घटना के बाद ईरान के गली-कूचों से लेकर सत्ता के गलियारों तक केवल एक ही स्वर सुनाई दे रहा है—’प्रतिशोध’। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला मौजूदा ईरान-इज़रायल युद्ध का सबसे टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है, क्योंकि इज़रायल ने पहली बार ईरान के इतने शीर्ष नेतृत्व को सीधे तौर पर निशाना बनाया है।
भविष्य की आशंका: क्या अब छिड़ेगा महायुद्ध?
लारीजानी की हत्या ने ईरान के भीतर गहरे आक्रोश को जन्म दिया है। तेहरान में लोग सड़कों पर उतरकर इज़रायल के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान इस अपमान का बदला लेने के लिए मजबूर होगा, जिससे मध्य पूर्व में एक पूर्ण विकसित क्षेत्रीय युद्ध की आशंका बढ़ गई है। आने वाले कुछ घंटे और दिन यह तय करेंगे कि ईरान की ‘बदले की कार्रवाई’ किस रूप में सामने आती है। फिलहाल, पूरा ईरान अपने इस दिग्गज नेता और उनके बेटे को अंतिम विदाई देने की तैयारी में जुटा है।
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