Alankar Agnihotri News: पूर्व बरेली सिटी मजिस्ट्रेट और चर्चित प्रशासनिक अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री आज अपनी नई राजनीतिक पार्टी का औपचारिक ऐलान करेंगे। अग्निहोत्री पिछले कुछ महीनों से सुर्खियों में बने हुए हैं, खासकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद और यूजीसी की नई गाइडलाइंस के विरोध में बरेली एसडीएम पद से इस्तीफा देने के बाद। अब उनका राजनीतिक सफर एक नई दिशा ले रहा है।
अग्निहोत्री ने पहले मीडिया से बात करते हुए कहा था कि उन्होंने लंबे मंथन और विचार-विमर्श के बाद यह पार्टी बनाने का निर्णय लिया है। पार्टी का नाम भगवान राम और भगवान कृष्ण के नामों के संगम से रखा गया है, जो भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के उद्देश्य को दर्शाता है।
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आज वृंदावन से होगा ऐलान

सोमवार, 23 फरवरी को वृंदावन की पावन धरा से पार्टी के नाम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। अग्निहोत्री ने बताया कि इस अवसर पर वे सबसे पहले बांके बिहारी जी मंदिर में दर्शन करेंगे और पूजा-अर्चना के बाद पार्टी के नाम का ऐलान करेंगे। उनका कहना है कि यह कदम लंबे समय से किए गए मंथन और विचारों का परिणाम है, और पार्टी का उद्देश्य सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों को बढ़ावा देना है।
शंकराचार्य विवाद पर प्रतिक्रिया
अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन पर लगे यौन शोषण के आरोप केवल उन पर हमला नहीं बल्कि पूरे सनातन समाज की छवि को खराब करने की साजिश हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने एफआईआर दर्ज कराई, उनके खिलाफ खुद कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। अग्निहोत्री का कहना है कि यह मामला सिर्फ राजनीतिक और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है।
यूजीसी गाइडलाइंस और इस्तीफे का असर
अग्निहोत्री ने हाल ही में यूजीसी की नई गाइडलाइंस और प्रयागराज मेले में शंकराचार्य विवाद के चलते बरेली एसडीएम पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद से वे लगातार सुर्खियों में रहे और अब उन्होंने राजनीतिक क्षेत्र में कदम रखने का निर्णय लिया है। उनका यह कदम उनके प्रशासनिक अनुभव और धार्मिक-सांस्कृतिक दृष्टिकोण को राजनीति में लाने की कोशिश माना जा रहा है।
नई पार्टी के उद्देश्य
अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी नई पार्टी का लक्ष्य भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था को मजबूत करना, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना और प्रशासनिक सुधारों के लिए जागरूकता पैदा करना होगा। पार्टी का नाम राम और कृष्ण के नामों के संगम से रखा गया है, जो धर्म, अध्यात्म और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रतीक के रूप में जनता को संदेश देगा।
इस तरह, अलंकार अग्निहोत्री का नया राजनीतिक कदम न केवल उनके प्रशासनिक करियर के बाद की दिशा को दर्शाता है, बल्कि उत्तर भारत की राजनीति में धार्मिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर केंद्रित एक नई पार्टी की शुरुआत भी माना जा रहा है।









