UP SIR: PDA का वोट काटने की साजिश! ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर अखिलेश यादव का सनसनीखेज खुलासा

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस वार्ता कर भाजपा सरकार पर 'वोटर लिस्ट' में बड़ी धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि PDA समाज का वोट काटने की साजिश रची जा रही है। अखिलेश ने मतदाता सूची को आधार से जोड़ने और चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

अखिलेश यादव

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जनवरी 10, 2026

UP SIR: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली करने और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर पूरी तरह विफल होने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने ‘SIR’ प्रक्रिया और मतदाता पुनरीक्षण अभियान पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे एक बड़ी राजनीतिक साजिश करार दिया।

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अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना

अखिलेश यादव ने प्रेसवार्ता की शुरुआत करते हुए कहा कि वर्तमान में चल रहा मतदाता पुनरीक्षण का कार्य (SIR) पारदर्शी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार PDA समाज (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) का वोट काटने और अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए गुप्त रूप से काम कर रही है। सपा अध्यक्ष ने एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जब सरकार द्वारा हर बूथ पर 200 वोट बढ़ाने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आती है, तो लोकतंत्र पर शक और गहरा हो जाता है। उन्होंने मांग की कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी वोटों को आधार कार्ड से जोड़ा जाना चाहिए।

BLO के आंकड़ों में विसंगति पर सवाल

सपा प्रमुख ने चुनावी आंकड़ों में भारी अंतर की ओर इशारा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बीएलओ (BLO) द्वारा तैयार किए गए डेटा में भारी विसंगतियां हैं। पंचायत चुनाव की मतदाता सूची और विधानसभा चुनाव की सूची में जमीन-आसमान का फर्क है। उन्होंने चेतावनी दी कि समाजवादी पार्टी इस तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी। इसके लिए पार्टी ने एक विस्तृत प्रारूप (ड्राफ्ट) तैयार किया है, जिसे जल्द ही चुनाव आयोग को सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की जाएगी।

अखिलेश यादव का बड़ा दावा

अखिलेश यादव ने कहा कि जैसे ही ड्राफ्ट वोटर लिस्ट सामने आई, उनकी पुरानी आशंकाएं सच साबित हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें प्रदेश में करीब तीन करोड़ वोट काटे जाने का डर था, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री ने खुद सार्वजनिक मंचों से चार करोड़ वोट हटाए जाने की बात कही थी। अखिलेश ने सवाल उठाया कि जब सूची अभी तैयार ही हो रही थी, तो मुख्यमंत्री को पहले से यह आंकड़ा कैसे पता था? क्या अधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच पहले ही यह लक्ष्य तय कर दिया गया था? यह पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर बड़ा सवालिया निशान है।

कानून-व्यवस्था की बदहाली पर सरकार को घेरा

मतदाता सूची के अलावा, अखिलेश यादव ने प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा का ‘जीरो टॉलरेंस’ का वादा पूरी तरह से शून्य साबित हुआ है। मेरठ में मां पर हमला और बेटी के अपहरण जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महिला अपराध और साइबर क्राइम में यूपी शीर्ष पर है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और दुष्कर्म की घटनाएं निरंतर हो रही हैं। अखिलेश ने दावा किया कि जनता 2027 के चुनाव में इस सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।

माफिया राज और अपराधों पर चिंता व्यक्त की

प्रेस वार्ता के अंत में अखिलेश यादव ने माफिया राज और नए तरह के अपराधों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराध और भ्रष्टाचार अब स्थानीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैल गया है। कफ सिरप कांड का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जो पहले साधारण अपराध लग रहा था, वह अब एक इंटरनेशनल क्राइम सिंडिकेट के रूप में सामने आया है। उन्होंने कटाक्ष किया कि यूपी में माफिया राज खत्म होने के बजाय और अधिक संगठित होकर आगे बढ़ रहा है, जिसे रोकने में सत्ताधारी दल पूरी तरह विफल है।

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