UP Politics: यूपी में साल 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई है. चुनावी बिगुल बजने से पहले ही विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच सियासी बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरु हो गया है. इस बीच यूपी की राजनीती में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व सीएम अखिलेश यादव द्वारा उनके गृह जनपद इटावा में बनवाए जा रहे एक भव्य मंदिर की हो रही है. इस मंदिर निर्माण को लेकर प्रदेश की राजनीति में एक नया नैरेटिव सेट करने की कोशिश की जा रही है,जिस पर अन्य जलों की नजरें टिकी हुई है.
डिप्टी सीएम का अखिलेश यादव पर तंज
बताते चले कि, बीते दिनों सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर इस भव्य निर्माणाधीन मंदिर में स्थापित होने वाली मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरान के बाल स्वरुप की बड़ी ही मनमोहक प्रतिमा से संयोजन की एक तस्वीर साझा की थी. इस तस्वीर के सामने आते ही विपक्षी दलों को सपा पर हमला करने का मौका मिल गया. यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस पर तंज भरे लहजे में तीखी टिप्पणी की थी. उन्होंने समाजवादी की पिछली छिवी और कारसेवकों पर हुई कारवाई को याद दिलाते हुए अखिलेश यादव के बदले हुए रुख पर जमकर हमला बोला है.
ओवैसी की पार्टी AIMIM ने साधा निशाना
वहीं, इस बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेताओं ने बहतू गंगा में हाथ धोते हुए अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के नेताओं ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक विविदात बयान दे दिया है. एआईएमआईएम के नेताओं का आरोप है कि अखिलेश यादव और उनकी पार्टी ने यूपी के मुसलमानों को केवल एक वोट बैंक और अपना गुलाम समध रखा है. मंदिर निर्माण की तस्वीरों को लेकर उन्होंने सपा की धर्मनिरपेक्ष छवि पर कई सवाल खड़े किए है.
सपा सांसद राजीव राय की कड़ी प्रतिक्रिया
ओवैसी की पार्टी के इस तीखे हमले पर मऊ जनपद के घोसी लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के कद्दावर सांसद राजीव राय ने करारा जवाब और तीखी प्रतिक्रिया दी है। राजीव राय ने कहा कि 2027 के महासमर से पहले ऐसे अनर्गल बयान आते रहेंगे और जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जाएगी। सांसद ने कहा, “उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले ये सब बरसाती मेंढक की तरह ऐसे ही आएंगे। अखिलेश यादव किसी एक वर्ग के नहीं, बल्कि सबके नेता हैं।” उन्होंने एआईएमआईएम पर पलटवार करते हुए कहा कि ये लोग पिछले चुनावों में भी वोट काटने आए थे, लेकिन जनता ने इन्हें नकार दिया। राय ने दो टूक कहा कि न तो सपा को उनके किसी सर्टिफिकेट की जरूरत है और न ही यूपी की समझदार जनता को।










