Akhilesh Yadav Attack : अखिलेश का योगी पर बड़ा हमला, नोएडा मजदूर आंदोलन को बताया भाजपा सरकार की सबसे बड़ी विफलता

नोएडा की सड़कों पर उतरा मजदूरों का सैलाब: क्या अखिलेश यादव का यह तीखा हमला 2027 की पटकथा लिख रहा है? सीएम योगी के 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के दावों के बीच नोएडा में भड़का यह आक्रोश भाजपा के लिए कितनी बड़ी मुसीबत बनेगा? जानिए अखिलेश की उस गुप्त रणनीति का सच!

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 13, 2026

Akhilesh Yadav Attack :  उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में पिछले कुछ दिनों से चल रहा श्रमिकों का आंदोलन अब एक बड़े राजनीतिक घमासान में बदल गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आड़े हाथों लेते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की है। अखिलेश यादव का यह बयान मुख्यमंत्री के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने मजदूर आंदोलन के पीछे किसी गहरी साजिश की आशंका जताई थी।

साजिश के आरोपों पर अखिलेश का पलटवार: “कहाँ थी खुफिया पुलिस?”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा की हिंसा और आंदोलन को एक सुनियोजित षडयंत्र करार दिया था। इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि अगर मुख्यमंत्री इसे साजिश मान रहे हैं, तो जनता यह पूछना चाहती है कि उनकी खुफिया पुलिस (एलआईयू) उस समय क्या कर रही थी? उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या खुफिया विभाग की टीम मुख्यमंत्री के साथ बंगाल चुनाव प्रचार में व्यस्त थी या फिर कहीं और लीन थी? अखिलेश ने कहा कि अपनी विफलता को दूसरों पर थोपना सरकार की पुरानी आदत बन चुकी है।

मजदूरों के जख्मों पर नमक न छिड़कें: अखिलेश की नसीहत

अखिलेश यादव ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि मजदूरों के जायज आंदोलन को ‘नक्सलवाद’ या ‘साजिश’ का नाम देकर बदनाम करना बंद करना चाहिए। उन्होंने लिखा, “अगर आप मजदूरों के जख्मों पर मलहम नहीं लगा सकते, तो कम से कम उन पर नमक तो न छिड़कें।” सपा प्रमुख के अनुसार, भाजपा की ‘कमीशनखोरी’ के कारण देश में महंगाई चरम पर है और श्रमिक वर्ग पहले से ही अपने परिवार का पेट पालने के लिए संघर्ष कर रहा है। ऐसे में उन पर अवांछित दोषारोपण करना घोर निंदनीय और पाप के समान है।

इस्तीफे की मांग: “न देश संभल रहा है, न प्रदेश”

नोएडा में बिगड़ते हालात और हिंसक झड़पों को लेकर अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे तौर पर नैतिकता के आधार पर गद्दी छोड़ने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है, जिसके कारण उससे न तो प्रदेश की कानून-व्यवस्था संभल रही है और न ही देश के हालात। अखिलेश ने कहा कि अगर आपसे शासन नहीं चल रहा है, तो ससम्मान इस्तीफा दे देना चाहिए, अन्यथा जनता आपको सत्ता से उतारने के लिए तैयार बैठी है।

डबल इंजन को बताया ‘ट्रबल इंजन’: कबाड़खाने भेजने की चेतावनी

भाजपा के बहुचर्चित ‘डबल इंजन’ के नारे पर प्रहार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे जनता के लिए ‘ट्रबल इंजन’ (मुसीबत वाला इंजन) करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में हर वर्ग त्रस्त है। अखिलेश ने कड़े शब्दों में कहा कि आने वाले समय में जनता इस डबल इंजन के पहिए खोल देगी और इसके पुर्जे निकालकर इसे हमेशा के लिए राजनीति के कबाड़खाने में भेज देगी। उन्होंने दावा किया कि जनता अब इस सरकार के खोखले वादों को समझ चुकी है।

सीएम योगी का पक्ष: श्रमिकों को संरक्षण और उद्यमियों को सुरक्षा

वहीं दूसरी ओर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने रुख पर कायम हैं। मुजफ्फरनगर के एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने फिर दोहराया कि कुछ लोग उत्तर प्रदेश की औद्योगिक शांति को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने श्रमिकों और उद्यमियों से अपील की कि वे इन षडयंत्रकारियों से सावधान रहें। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उद्यमियों को हर हाल में सुरक्षा देगी। उन्होंने कोविड काल का उदाहरण देते हुए याद दिलाया कि कैसे उनकी सरकार ने संकट के समय में हर श्रमिक की मदद की थी। फिलहाल, नोएडा में पुलिस बल तैनात है और राजनीति अपने चरम पर है।

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