Noida Airport: उत्तर प्रदेश की राजनीति के दो धुरंधर शनिवार को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के मौके पर आमने-सामने नजर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां उद्घाटन समारोह के दौरान समाजवादी पार्टी के “अंधविश्वास” और “कायरता” पर तीखा प्रहार किया, वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए भाजपा सरकार के प्रबंधन को “भ्रष्ट” करार दिया। 2026 के चुनावी समीकरणों के बीच यह जुबानी जंग प्रदेश के सियासी तापमान को बढ़ाने वाली साबित हो रही है।
प्रधानमंत्री का प्रहार: नोएडा जाने के “अंधविश्वास” और कायरता की कहानी
जेवर में जनता को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्षी दलों की पुरानी कार्यशैली पर तंज कसा। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे नोएडा को वर्षों तक केवल इसलिए विकास से दूर रखा गया क्योंकि तत्कालीन मुख्यमंत्रियों में एक अंधविश्वास व्याप्त था। प्रधानमंत्री ने उस मिथक का जिक्र किया जिसमें माना जाता था कि जो मुख्यमंत्री नोएडा आता है, उसकी कुर्सी चली जाती है। मोदी ने कहा कि पहले के शासक अपनी सत्ता खोने के डर से इतने “कायर” थे कि वे इस क्षेत्र की सुध लेने तक नहीं आते थे।
सपा सरकार का एक पुराना किस्सा: जब डर गए थे तत्कालीन मुख्यमंत्री
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने एक निजी अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब वह पहली बार प्रधानमंत्री बने थे और उन्होंने नोएडा जाने का कार्यक्रम बनाया, तब राज्य की सपा सरकार के मुखिया (अखिलेश यादव) ने उन्हें वहां न जाने की सलाह दी थी। मोदी के अनुसार, “मुख्यमंत्री इतने घबराए हुए थे कि उन्होंने न केवल कार्यक्रम से दूरी बनाई, बल्कि मुझे भी मनाने की कोशिश की।” पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने तब जवाब दिया था कि वह उस धरती का आशीर्वाद लेने जा रहे हैं जो उन्हें लंबे समय तक देश की सेवा का अवसर देगी।
अखिलेश यादव का पलटवार: “घास हटवाकर” हवाई अड्डों की हकीकत देख लें
प्रधानमंत्री के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने यूपी के अन्य हवाई अड्डों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य के सात नए एयरपोर्ट में से छह फिलहाल बंद पड़े हैं। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को केवल नए ठेके बांटकर कमाई करने में दिलचस्पी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का अरबों का निर्माण केवल अपनों को लाभ पहुँचाने के लिए होता है, जबकि जनता को “उड़ान” योजना का वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा है।
“जाने वालों की बात का बुरा नहीं माना जाता”: अखिलेश का निजी हमला
पीएम मोदी द्वारा नोएडा न जाने के दावे पर अखिलेश यादव ने संयमित लेकिन धारदार जवाब दिया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री हमारे प्रदेश में मेहमान बनकर आए हैं और हम उनका सम्मान के साथ विदाई करेंगे।” उन्होंने आगे जोड़ा कि जब हार सामने दिखने लगती है, तो व्यक्ति अपने पद की मर्यादा और वाणी पर नियंत्रण खो देता है। अखिलेश ने कहा कि संस्कारवश वह उम्र और पद का सम्मान करते रहेंगे, लेकिन यह साफ है कि भाजपा सरकार अब जाने वाली है, इसलिए उनकी बातों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है।
भ्रष्ट प्रबंधन और ठेकेबाजी का लगाया गंभीर आरोप
सपा प्रमुख ने अपने बयान में भाजपा के विकास मॉडल को “ठेका मॉडल” करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा को न तो हवाई अड्डा चलाना है और न ही हवाई जहाज उड़ाने हैं, उनका एकमात्र उद्देश्य निर्माण कार्यों के जरिए धन अर्जित करना है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की जनता से अपील की कि वे केवल चमक-धमक वाले उद्घाटनों को न देखें, बल्कि उन हवाई अड्डों की भी सुध लें जो करोड़ों खर्च करने के बाद आज धूल फांक रहे हैं और जहां से एक भी उड़ान संचालित नहीं हो रही है।
2026 चुनाव की आहट: जेवर एयरपोर्ट बना सियासत का नया केंद्र
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का यह उद्घाटन केवल एक ढांचागत विकास नहीं, बल्कि आगामी चुनावों के लिए एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन चुका है। जहां भाजपा इसे अपनी विकासोन्मुखी और निडर राजनीति के प्रमाण के रूप में पेश कर रही है, वहीं समाजवादी पार्टी इसे फिजूलखर्ची और भ्रष्टाचार का प्रतीक बताकर जनता को लामबंद करने में जुटी है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की उम्मीद है, क्योंकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में जेवर एयरपोर्ट एक महत्वपूर्ण धुरी बनकर उभरा है।









