Akhilesh Yadav: नीतीश कुमार के राज्यसभा में शपथ लेने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और इसको लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि उनकी मनशा थी कि नीतीश कुमार देश के प्रधानमंत्री के रूप में रिटायर होते। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि ऐसी सोच सिर्फ उन्हीं की नहीं बल्कि गठबंधन के कई नेता ऐसा चाहते थे।
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बीजेपी पर गंभीर आरोप
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अब हालात ऐसे बन चुके हैं कि नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर राज्यसभा सदस्य के रूप में समाप्त हो जाएगा। उन्होंने इसे राजनीतिक परिस्थितियों का परिणाम बताते हुए भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, बीजेपी ने अपने सहयोगियों के साथ सही व्यवहार नहीं किया और कई स्तरों पर भरोसे को तोड़ा गया है।
‘जहां पीड़ा है, वहां पीडीए है’ का बयान

जयपुर दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने एक नया राजनीतिक नारा भी दिया। उन्होंने कहा कि, “जहां बीजेपी है वहां पीड़ा है और जहां पीड़ा है वहां पीडीए है।” उन्होंने यह भी कहा कि वह राजस्थान में “पीडीए की सोच” को आगे बढ़ाने और उसे मजबूत करने के उद्देश्य से आए हैं।
बीजेपी नेताओं पर निशाना
अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि उनके नेता अपने बयानों के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखते कि उन वादों का क्या हुआ। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन वास्तविक स्थिति अलग है। उनके अनुसार, महंगाई और आर्थिक हालात के कारण किसानों की आय में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
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‘डबल इंजन सरकार’ पर सवाल
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, जिस “डबल इंजन सरकार” की बात की जाती है, वह वास्तव में एक साथ काम करने के बजाय आपसी टकराव में उलझी हुई दिखाई देती है। उन्होंने दावा किया कि दोनों स्तरों पर सरकारें एक-दूसरे की गति बढ़ाने के बजाय राजनीतिक खींचतान में लगी हुई हैं।
विदेश नीति और वैश्विक छवि पर टिप्पणी
Akhilesh Yadav ने विदेश नीति को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश को “विश्वगुरु” बनाने का सपना दिखाया था, लेकिन परिणाम अपेक्षित नहीं रहे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय दौरों के दौरान अलग रणनीति अपनाई जाती तो भारत की वैश्विक छवि और मजबूत हो सकती थी।










