UP News: अखिलेश यादव की मां पर मेयर सुषमा खर्कवाल की अमर्यादित टिप्पणी, सपा चीफ का करारा जवाब

लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल द्वारा अखिलेश यादव की दिवंगत माताजी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी से यूपी की सियासत गर्मा गई है। अखिलेश यादव ने 'एक्स' पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए इसे महिला के सम्मान के विरुद्ध और नैतिक गिरावट करार दिया। उन्होंने मेयर को राजनीति में संतुलन और शुचिता बनाए रखने की कड़ी नसीहत दी है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 21, 2026

UP News:  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में महिला आरक्षण के मुद्दे पर छिड़ी बहस अब व्यक्तिगत और अमर्यादित स्तर पर पहुंच गई है। लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल द्वारा समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की दिवंगत माताजी को लेकर की गई एक विवादास्पद टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इस बयान के सार्वजनिक होने के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से मेयर को मर्यादा और नैतिक मूल्यों का पाठ पढ़ाया है।

मेयर की अमर्यादित टिप्पणी

लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव को घेरते हुए उनके पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन पर विवादित बयान दे दिया। मेयर का आपत्तिजनक बयान उस समय सामने आया जब उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने उस महिला का अपमान किया है जिनकी कोख से उन्होंने जन्म लिया। इस टिप्पणी को न केवल राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन माना जा रहा है, बल्कि इसे एक दिवंगत महिला के सम्मान पर चोट के रूप में देखा जा रहा है।

अखिलेश यादव का एक्स (X) पर पोस्ट

सुषमा खर्कवाल के बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की। अखिलेश यादव की भावुक प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा, “आदरणीय सुषमा खर्कवाल जी, कृपया अपनी राजनीतिक मजबूरी के लिए मेरी दिवंगत मां का नाम न लें। एक महिला के रूप में दूसरी महिला का अपमान करना आपको शोभा नहीं देता।” सपा प्रमुख ने मेयर को नसीहत देते हुए कहा कि महिला होकर महिला का अपमान करना अनैतिक है और समाज इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा।

क्या राजनीति के लिए स्तर गिराना उचित है?

सपा अध्यक्ष ने अपने पत्र में मेयर के उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना करते हुए उनकी नैतिकता पर सवाल उठाए। राजनीतिक शुचिता और नैतिक गिरावट के मुद्दे पर बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि मेयर ने जिन्हें प्रभावित करने के लिए अपना स्तर गिराया है, वे किसी के सगे नहीं हैं। उन्होंने मेयर से अपने संतुलन और गरिमा को बनाए रखने का आग्रह किया। अखिलेश ने स्पष्ट किया कि भारतीय समाज में किसी की भी मां का अपमान स्वीकार्य नहीं है और मेयर के इस कृत्य से उनके अपने समर्थक भी शर्मिंदगी महसूस कर रहे होंगे।

अखिलेश ने मेयर को बताया ‘अपना भाई’

अपने संदेश के अंत में अखिलेश यादव ने एक बड़ा दिल दिखाते हुए मेयर को ‘भाई’ के तौर पर संबोधित किया, लेकिन माफी मांगने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। क्षमादान और व्यक्तिगत आत्मचिंतन पर बात करते हुए उन्होंने लिखा, “मैं आपसे किसी क्षमा की अपेक्षा नहीं रखता, क्योंकि ऐसा बयान देने के बाद क्षमा के कोई मायने नहीं रह जाते। आपके लिए अकेले में बैठकर किया गया पछतावा ही पर्याप्त होगा।” उन्होंने मेयर को सलाह दी कि वे अपने घर के बड़ों या बच्चों से पूछें कि क्या उनका यह द्वेषपूर्ण बयान उचित था।

राजधानी लखनऊ में गहराया मान-मर्यादा का संकट

इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में मान-मर्यादा और शब्दों के चयन को लेकर नई बहस छिड़ गई है। पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता का आक्रोश सोशल मीडिया पर साफ देखा जा सकता है, जहां लोग मेयर के बयान की निंदा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मेयर का यह बयान भाजपा के लिए रक्षात्मक स्थिति पैदा कर सकता है, जबकि अखिलेश यादव ने इसे एक भावनात्मक मुद्दा बनाकर अपनी छवि को एक संयमित नेता के रूप में पेश किया है। अब देखना यह है कि क्या मेयर सुषमा खर्कवाल इस पर कोई सफाई पेश करती हैं।