UP Politics: अखिलेश ने कोलकाता में गिनाईं अपनी ‘2 गलतियां’, अयोध्या का जिक्र कर बीजेपी पर कसा तंज

पश्चिम बंगाल दौरे पर गए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उनसे दो गलतियां हुई हैं—एक भाजपा को हराना और दूसरा अयोध्या में जीत दर्ज करना। अखिलेश का यह व्यंग्यात्मक बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 8, 2026

UP Politics: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इन दिनों पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद, ममता बनर्जी के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए अखिलेश यादव कोलकाता पहुंचे। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए सपा सुप्रीमो ने एक ऐसा बयान दिया, जिसने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

अखिलेश यादव ने गिनाई अपनी ‘दो बड़ी गलतियां’

बताते चले कि, कोलकाता में पत्रकारों ने जब अखिलेश यादव से पूछा कि क्या बंगाल चुनाव के बाद अब 2027 के उत्तर प्रदेश चुनावों को देखते हुए वह भाजपा के निशाने पर हैं, तो उन्होंने बेहद व्यंग्यात्मक लहजे में जवाब दिया। अखिलेश ने कहा, “मुझसे दो बड़ी गलतियां हुई हैं—पहली यह कि हमने भाजपा को हरा दिया, और दूसरी यह कि हमने उन्हें अयोध्या में पटखनी दे दी।” उनका यह बयान सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश के हालिया सियासी घटनाक्रमों और अयोध्या में भाजपा की हार की ओर इशारा था। उन्होंने आगे कहा कि टारगेट पर होना उनके लिए कोई नई बात नहीं है, वह कई लोगों के निशाने पर रहते हैं।

ममता बनर्जी की जीत और बंगाल की जनता का अभिनंदन

आपको बता दे कि, पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ‘दीदी’ केवल चुनाव नहीं, बल्कि लोगों के दिल जीत रही हैं। सपा प्रमुख ने बंगाल की जनता को बधाई देते हुए कहा कि यहाँ के सौहार्दप्रिय लोगों ने भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति को हराने के लिए जिस तरह से मतदान किया है, वह लोकतंत्र को बचाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। उन्होंने संविधान की रक्षा की इस मुहिम में बंगाल की भूमिका को ऐतिहासिक बताया।

बंगाल में चुनाव बाद हिंसा और सुरक्षा पर जताई चिंता

मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने बंगाल में चुनाव के बाद की स्थितियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पार्टी कार्यालयों के साथ जैसा व्यवहार वर्तमान में देखा जा रहा है, वैसा पहले कभी नहीं हुआ। अखिलेश ने अपने शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन बदले की भावना से ऐसी कार्रवाई कभी नहीं हुई। उन्होंने अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी को मिल रही धमकियों का उल्लेख करते हुए इसे एक बड़ा ‘सिक्योरिटी थ्रेट’ बताया और सवाल उठाया कि हिंसा करने वालों को आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है।

यूपी चुनाव 2027 और विपक्षी एकजुटता की रणनीति

कोलकाता में अखिलेश और ममता की इस भेंट को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूत करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि वह भाजपा की घेराबंदी से डरने वाले नहीं हैं। अयोध्या की जीत को उन्होंने अपनी रणनीतिक सफलता बताया और संकेत दिया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह के चौंकाने वाले परिणाम देखने को मिलेंगे।