
UP News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक बयानों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर एक बार फिर निशाना साधा है। इस बार मामला भगवान श्रीराम को लेकर दिए गए एक कथित बयान से जुड़ा है। अखिलेश यादव ने धीरेंद्र शास्त्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसमें वह भगवान राम के पांच पिता होने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो को लेकर सपा प्रमुख ने कड़ी नाराजगी जताई है।
भगवान राम के पांच पिता वाले वीडियो पर बढ़ा विवाद

दरअसल, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिया गया बयान पहले से ही विवादों में है। यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब भगवान श्रीराम को लेकर उनका एक और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आ गया। वीडियो में भगवान राम के पांच पिता होने का दावा किए जाने की बात कही जा रही है। इस वीडियो को शेयर करते हुए अखिलेश यादव ने धीरेंद्र शास्त्री पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पहले भगवान श्रीकृष्ण को लेकर विवादित वीडियो सामने आया और अब भगवान राम के पिता को लेकर इस तरह की बातें प्रसारित हो रही हैं। सपा अध्यक्ष ने इसे सनातन विरोधी बताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर क्या कहा?
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘ये सनातन विरोधी किसके कहने पर सक्रिय है। पहले भगवान कृष्ण के बारे में विवादित वीडियो आया, अब भगवान राम के पिता के बारे में अभद्रता की बात प्रसारित हो रही है। इसके राजनीतिक आकाओं को ये सब मंजूर होगा, हमें अंश मात्र भी स्वीकार्य नहीं है।’
सपा प्रमुख ने आगे कहा कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के अपराध में धीरेंद्र शास्त्री के सभी कार्यक्रम रद्द किए जाने चाहिए। उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि अब सच्चे सनातनी इनकी पर्ची लिखेंगे। अखिलेश के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है।
भगवान श्रीकृष्ण पर बयान को लेकर भी घेर चुके हैं अखिलेश
यह पहली बार नहीं है जब अखिलेश यादव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर नाराजगी जताई हो। इससे पहले भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान पर भी सपा अध्यक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उस समय अखिलेश यादव ने कहा था कि मानवीय भूल को माफ किया जा सकता है, लेकिन ईशनिंदा को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस मामले में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग भी उठाई थी। साथ ही उनके कार्यक्रमों का बहिष्कार करने की अपील की थी।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर सियासत क्यों गरमाई?

भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े कथित बयानों को लेकर अब यह मामला धार्मिक चर्चा से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का रूप लेता दिखाई दे रहा है। अखिलेश यादव लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं और धीरेंद्र शास्त्री के बयानों पर सवाल कर रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो के पूरे संदर्भ और उसमें कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि होना जरूरी है। फिलहाल अखिलेश यादव की मांग ने इस विवाद को फिर से चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि इस पूरे मामले पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और क्या उनके कार्यक्रमों को लेकर कोई फैसला लिया जाता है।











