UP News: आजम खान के ठिकानों पर ED छापे से भड़के अखिलेश, बीजेपी पर क्यों बरसे?

आजम खान से जुड़े ठिकानों पर ED की छापेमारी के बाद अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। सपा प्रमुख ने कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार, एक्सप्रेसवे की बदहाली, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और महाकुंभ में कथित हेराफेरी का मुद्दा उठाया। अखिलेश ने करीब 7 हजार करोड़ रुपये के कथित बंटवारे का भी आरोप लगाया।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 19, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजम खान से संबंधित ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी को लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार एक से दो प्रतिशत लोगों को खुश करने के लिए चुनिंदा कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों के हितों के खिलाफ काम करने वालों तथा स्कूल बंद कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय यूनिवर्सिटी बनाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।

अखिलेश यादव ने ED कार्रवाई पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए ED की कार्रवाई को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई के जरिए बीजेपी के बचे हुए साम्प्रदायिक और संकीर्ण सोच वाले समर्थकों को संतुष्ट करने की कोशिश की जा रही है। सपा प्रमुख ने दावा किया कि कई गंभीर मामलों में आरोपों का सामना कर रहे लोगों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।

राम मंदिर से कोडीन कफ तक, अखिलेश ने गिनाए कई मुद्दे

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में राम मंदिर से जुड़े चोरी के मामले, सत्ता के कथित संरक्षण में अपराध, कोडीन कफ सिरप की तस्करी और भ्रष्टाचार जैसे कई मुद्दों का जिक्र किया। उनका आरोप है कि सरकार को इन मामलों में भी समान रूप से कार्रवाई करनी चाहिए। सपा अध्यक्ष ने कहा कि कार्रवाई का पैमाना सभी के लिए एक जैसा होना चाहिए और राजनीतिक पसंद-नापसंद के आधार पर जांच एजेंसियों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

एक्सप्रेसवे की बदहाली को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना

सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश में सड़कों और एक्सप्रेसवे की स्थिति को लेकर भी बीजेपी सरकार पर हमला बोला। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बदहाल स्थिति में पहुंच गया है, जबकि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को हिचकोलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए गड्ढों और खराब सड़क व्यवस्था का मुद्दा उठाया।

ग्रीन कॉरिडोर, पुल और पानी की टंकियों पर भी सवाल

अखिलेश यादव ने ग्रीन कॉरिडोर में कथित दरारों, खटपट सड़कों, गिरते पुलों और ढहती पानी की टंकियों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने टपकती छतों और स्टेशन की दीवार गिरने जैसी घटनाओं का भी उल्लेख किया। सपा अध्यक्ष ने इन घटनाओं को सरकार की विकास व्यवस्था और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से जोड़ते हुए जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।

भ्रष्ट पुलिसकर्मियों और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का मुद्दा

अखिलेश यादव ने बीजेपी शासित राज्यों में भ्रष्टाचार के आरोपों में पकड़े जाने वाले पुलिसकर्मियों का भी जिक्र किया। उन्होंने स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के नाम पर कथित बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी के कुछ जनप्रतिनिधियों पर अस्वीकृत भूमि पर कथित अवैध निर्माण के आरोप लगाते हुए सरकार से सवाल किया कि ऐसे मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

महाकुंभ में कथित हेराफेरी का भी उठाया मुद्दा

सपा प्रमुख ने महाकुंभ से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने करीब एक लाख रुपये की कथित हेराफेरी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। अखिलेश यादव का कहना है कि यदि भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं तो जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

7 हजार करोड़ रुपये के कथित बंटवारे पर अखिलेश का आरोप

अखिलेश यादव ने अपने बयान में दुर्व्यवहार और आपत्तिजनक बयानों के मामलों को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयानों पर प्रचार की परत चढ़ाकर करीब 7,000 करोड़ रुपये के कथित बंटवारे का खेल किया गया। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार की ओर से प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। फिलहाल आजम खान से जुड़े ठिकानों पर ED की कार्रवाई के बाद अखिलेश यादव के बयान ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।