UP News: ‘धूप में बिना चश्मे की पदयात्रा’, अखिलेश ने ली भाजपा की चुटकी, सपा का कुनबा बढ़ा

लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव की मौजूदगी में बसपा प्रवक्ता एमएच खान समेत कई नेताओं ने समाजवादी पार्टी का दामन थामा। इस दौरान अखिलेश ने भाजपा की पदयात्रा और चायवाले की दुकान बंद किए जाने पर सरकार को जमकर घेरा। साथ ही, सीमा राजभर को समाजवादी महिला सभा का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 21, 2026

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UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश मुख्यालय में भारी गहमागहमी रही। सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में कई बड़े चेहरों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जिससे आगामी चुनावों से पहले सपा का पलड़ा भारी होता दिख रहा है। इस दौरान अखिलेश यादव ने न केवल पार्टी का विस्तार किया, बल्कि भाजपा सरकार की नीतियों और हालिया ‘पदयात्रा’ पर भी जमकर तंज कसे।

विपक्षी दलों में सेंध

बताते चले कि, सपा मुख्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को बड़ा झटका लगा। बसपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एमएच खान ने हाथी का साथ छोड़कर ‘साइकिल’ की सवारी कर ली। उनके साथ श्यामलाल निषाद, विजय कुमार लाल, अखिलेश पाठक, इशरत अली खान और नीलू सत्यार्थी जैसे कद्दावर नेताओं ने भी समाजवादी पार्टी का दामन थामा। अखिलेश यादव ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि समाजवादियों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है, जो प्रदेश में बदलाव का संकेत है।

सीमा राजभर को मिली महिला विंग की कमान

इसी कार्यक्रम के दौरान सपा मुखिया ने पार्टी के भीतर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। बलिया की रहने वाली सीमा राजभर को समाजवादी महिला सभा की नई राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सीमा राजभर की नियुक्ति को पूर्वांचल के सियासी समीकरणों को साधने और महिला वोट बैंक को जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अखिलेश यादव ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में महिला सभा गाँव-गाँव जाकर भाजपा की ‘महिला विरोधी’ नीतियों को उजागर करेगी।

भाजपा की पदयात्रा पर कटाक्ष

अखिलेश यादव ने सुबह भाजपा द्वारा निकाली गई पदयात्रा पर चुटकी लेते हुए कहा कि पहली बार कोई सरकार अपने ही पास किए गए बिल के प्रचार के लिए इतनी मेहनत कर रही है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “इतनी तेज धूप में बिना चश्मा लगाए पदयात्रा की जा रही है, जो सरकार की घबराहट को दर्शाता है।” उन्होंने दावा किया कि जनता अब भाजपा के बहकावे में नहीं आने वाली और इस बार जब भाजपा की विदाई होगी, तो वह फिर कभी वापस नहीं आएगी।

चायवाले की दुकान का जिक्र

सपा प्रमुख ने एक भावुक और तीखा मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनके चाय पीने से एक गरीब लड़के की दुकान बंद करा दी गई। अखिलेश ने कहा, “हमें एक चायवाले लड़के ने चाय क्या पिला दी, सरकार ने उसकी दुकान ही बंद करा दी। यह सरकार रोजगार दे नहीं सकती, लेकिन किसी का चलता हुआ काम जरूर छीन सकती है।” उन्होंने कटाक्ष किया कि शायद भाजपा को यह बुरा लग गया कि उस लड़के ने कहा था कि वह उनसे (भाजपा के दावों से) बेहतर चाय बनाता है।

‘दरारवादी’ ताकतों पर अखिलेश का प्रहार

महिला आरक्षण बिल पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने सरकार की नियत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज महिलाओं को आरक्षण से पहले ‘संरक्षण’ की जरूरत है। भाजपा और उनके संघी साथियों को ‘दरारवादी’ बताते हुए उन्होंने कहा कि इनके मंसूबे इस बार कामयाब नहीं हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक पुराने नारे को दोहराने पर भी निशाना साधा और सदन में सरकार से स्पष्टीकरण माँगा कि जो बिल पास हुआ, उसकी असलियत क्या है। उन्होंने कहा कि भाजपा बार-बार झूठ का पाठ पढ़ाती है, लेकिन जनता अब हकीकत समझ चुकी है।

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