UP News: ‘अंकल’ विवाद पर अखिलेश यादव का बड़ा जवाब, शिक्षा-परीक्षा से राम मंदिर तक उठाए सवाल

आकाश आनंद के ‘अंकल’ वाले बयान पर अखिलेश यादव ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि बहस ‘अंकल’ पर नहीं, बल्कि शिक्षा, परीक्षा और छात्रों के मुद्दों पर होनी चाहिए। अखिलेश ने राम मंदिर पर चर्चा की बात भी कही। वहीं धर्मेंद्र यादव ने सरकार पर जवाब से बचने और सदन का समय बर्बाद करने का आरोप लगाया।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 11, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश के हाथरस में आयोजित चुनावी सभा के दौरान बहुजन समाज पार्टी (BSP) के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को ‘अंकल’ कहकर निशाना साधा था। अब आकाश आनंद के इस बयान पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। अखिलेश यादव ने साफ कहा कि इस मुद्दे को लेकर बहस में उलझने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, असली मुद्दा ‘अंकल’ नहीं, बल्कि जनता और छात्रों से जुड़े गंभीर सवाल हैं।

आकाश आनंद के बयान पर अखिलेश का जवाब

बताते चले कि, अखिलेश यादव ने आकाश आनंद के ‘अंकल’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बहस में हम और आप न उलझें, क्योंकि मुद्दा अंकल का नहीं है। उन्होंने बातचीत को व्यक्तिगत टिप्पणियों से हटाकर शिक्षा, परीक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित करने की बात कही। सपा प्रमुख ने कहा कि मौजूदा समय में जरूरी है कि उन विषयों पर चर्चा हो, जिनका सीधा असर युवाओं और आम लोगों पर पड़ता है।

अखिलेश यादव ने उठाए सवाल

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शिक्षा और परीक्षा के मुद्दे के साथ राम मंदिर को भी चर्चा से जोड़ते हुए कहा कि दोनों विषयों पर बहस होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो बात आज कही जा रही है, वह एक सप्ताह पहले भी कही जा सकती थी। अखिलेश के मुताबिक, अगर सदन में इन मुद्दों पर चर्चा होती तो भगवान राम का नाम भी लिया जाता।

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के लोग सदन में चर्चा तो करना चाहते हैं, लेकिन भगवान राम का नाम नहीं लेना चाहते। अखिलेश यादव ने कहा कि बातचीत और चर्चा के जरिए ही किसी मुद्दे का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने शिक्षा और परीक्षा से जुड़े सवालों को राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर रखने की जरूरत बताई।

झारखंड छात्रों के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने बातचीत को बताया रास्ता

झारखंड से जुड़े मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस विषय पर वह पहले भी अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं और एक बार फिर कह रहे हैं कि बातचीत ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है। उनके अनुसार, सरकार और छात्रों के बीच लगातार संवाद होना चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री और सरकार की ओर से भी छात्रों के साथ बातचीत करने की बात कही गई है। ऐसे में बातचीत के माध्यम से गतिरोध को खत्म करने और छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश होनी चाहिए।

धर्मेंद्र यादव का सरकार पर हमला

इस दौरान सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि मंडी में कथित ‘चंदा चोरी’ के मुद्दे पर सदन में चर्चा हो और प्रधानमंत्री इस पर जवाब दें। इसके अलावा छात्रों पर हुई हिंसा, गृह मंत्री से जवाब और आरक्षण से जुड़े सवालों पर भी बहस की मांग की गई। धर्मेंद्र यादव ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था और आरक्षण जैसे मुद्दे बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने भी दोहराया कि असली मुद्दा ‘अंकल’ नहीं है। उनके मुताबिक, अगर सरकार चाहती तो इन विषयों पर पहले ही चर्चा कर सकती थी।

सरकार पर विपक्ष का बड़ा आरोप

धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि सदन के 14-15 दिन बेकार चले गए और सरकार के पास विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं है, इसलिए वह चर्चा से बच रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में उठाना चाहता है, लेकिन सरकार चर्चा से बचने की कोशिश कर रही है।

सपा सांसद ने राम मंदिर के मुद्दे पर भी हर हाल में चर्चा कराने की मांग की। इस पूरे घटनाक्रम के बीच आकाश आनंद का ‘अंकल’ वाला बयान राजनीतिक चर्चा का हिस्सा जरूर बना है, लेकिन अखिलेश यादव ने इसे बड़ा मुद्दा बनाने से इनकार करते हुए शिक्षा, परीक्षा, छात्रों, आरक्षण और सदन में चर्चा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही है।