Ajmer Rain News: भारी बारिश के बीच मकान ढहा, मलबे में दबे एक परिवार के तीन सदस्य

राजस्थान के अजमेर में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच एक मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्य मलबे में दब गए। राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। आखिर हादसा कैसे हुआ और पीड़ितों की क्या स्थिति है, पूरी रिपोर्ट में जानिए।

Ajmer Rain News

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 9, 2026

Ajmer Rain News:  राजस्थान के अजमेर जिले में पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश जनजीवन के लिए आफत बन गई है। लगातार हो रही भारी बरसात के कारण अब हादसों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। ताजा मामला अजमेर के किशनगढ़ इलाके से सामने आया है, जहां आजाद नगर स्थित हरिजन बस्ती में एक मकान अचानक भरभराकर गिर गया। देर रात हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। मलबे के नीचे दबे एक ही परिवार के तीन सदस्यों के जीवन पर संकट के बादल मंडराने लगे थे, लेकिन समय रहते हुई कार्रवाई ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।

पहाड़ी ढलान पर बना था मकान, बारिश से कमजोर हुई थी जमीन

मदनगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस इलाके की भौगोलिक स्थिति हादसे का मुख्य कारण बनी। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह मकान एक पहाड़ी ढलान वाले इलाके में स्थित था। लगातार जारी मूसलाधार बारिश के चलते जमीन की पकड़ कमजोर हो गई और मिट्टी का कटाव होने लगा। रात के सन्नाटे में जब पूरा परिवार सो रहा था, तभी घर की दीवारें और छत बारिश के पानी के दबाव को झेल नहीं सकीं और अचानक ढह गईं। एएसआई सत्येंद्र सिंह ने जानकारी दी कि सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तत्काल प्रभाव से मौके पर रवाना कर दी गई थी।

स्थानीय लोगों और पुलिस की तत्परता से बची तीन जानें

रात के करीब 2 बजे हुए इस हादसे के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जैसे ही मकान गिरने की आवाज आई, आसपास के स्थानीय निवासी तुरंत राहत कार्यों में जुट गए। थोड़ी ही देर में पुलिस बल भी घटनास्थल पर पहुंच गया। बचाव दल और ग्रामीणों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के साथ मलबे को हटाने का काम शुरू किया। अंधेरा होने के बावजूद लोगों ने हिम्मत नहीं हारी और एक-एक करके मलबे में दबे हुए तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह मानवीय संवेदना और सामूहिक प्रयासों की ही जीत थी कि समय रहते घायलों को जीवनदान मिल सका।

अस्पताल में जारी है उपचार, प्रशासन ने प्राकृतिक आपदा माना

मलबे से बाहर निकाले गए लोगों की पहचान राहुल, उनकी पत्नी सपना और उनके बेटे के रूप में हुई है। उन्हें तत्काल सरकारी एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां फिलहाल उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने इस घटना को बारिश के कारण हुई एक प्राकृतिक आपदा करार दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा कर रहे हैं। फिलहाल, पूरा इलाका अभी भी भारी बारिश की चेतावनी के बीच अलर्ट मोड पर है और प्रशासन ने लोगों से जर्जर मकानों व पहाड़ी ढलानों के पास रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

भविष्य के लिए चेतावनी और सुरक्षा के उपाय

इस घटना ने बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में बने घरों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अजमेर जिला प्रशासन लगातार लोगों को सचेत कर रहा है कि वे अत्यधिक बारिश के दौरान कच्ची छतों और ढलान वाले क्षेत्रों में बने घरों से दूर रहें। इस तरह के हादसों को रोकने के लिए प्रशासन अब क्षेत्र में एक सर्वेक्षण करने की योजना बना रहा है ताकि भविष्य में किसी भी जान-माल के नुकसान को टाला जा सके। फिलहाल, पूरा प्रशासन घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है और प्रभावित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।

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