Ajit Pawar Funeral: महाराष्ट्र और देश की राजनीति बुधवार को एक भारी झटके से गुजरी, जब उपमुख्यमंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार का विमान हादसे में निधन हो गया। वह बारामती जा रहे थे, जहां उन्हें कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेना था। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें उनके निजी सुरक्षा अधिकारी, फ्लाइट अटेंडेंट और दो पायलट शामिल थे। राज्य सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है और गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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हादसे का विवरण और राजनीतिक प्रतिक्रिया

हादसा उस समय हुआ जब अजित पवार का विमान टेकऑफ़ के बाद उड़ान भर रहा था। विमान का संपर्क अचानक टूटा, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत खोज अभियान शुरू किया। मलबा मिलने पर पुष्टि हुई कि विमान में सवार सभी की मौत हो चुकी है। इस दुर्घटना ने महाराष्ट्र और एनसीपी के लिए एक बड़ा नुकसान उत्पन्न कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर एनसीपी प्रमुख और अजित पवार के चाचा शरद पवार से संवेदना व्यक्त की और सोशल मीडिया पर लिखा कि बारामती में हुए विमान हादसे से बेहद आहत हूं। उन्होंने मृतक नेताओं को जनता से जुड़े नेता बताते हुए कहा कि प्रशासनिक मामलों में उनकी गहरी समझ और कमजोर वर्गों के सशक्तीकरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उल्लेखनीय रही।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पवार परिवार के साथ खड़ी है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हादसे की जांच के आदेश दिए और कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। शिंदे ने भावुक होते हुए कहा, “हम महाराष्ट्र की प्रगति के लिए एक टीम के रूप में काम कर रहे थे। उनके जाने से न सिर्फ टीम का एक अहम हिस्सा खो गया है, बल्कि मैंने अपने बड़े भाई को भी खो दिया है।” एनसीपी सांसद और अजित पवार की चचेरी बहन सुप्रिया सुले भी परिवार के साथ शोक व्यक्त करती नजर आईं।
शोक और श्रद्धांजलि
अजित पवार ने महाराष्ट्र में विभिन्न सरकारों में उपमुख्यमंत्री के रूप में सेवा दी, जिसमें पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की सरकारें शामिल थीं। उन्होंने सांसद के रूप में भी अहम योगदान दिया और पार्टी संगठन को मजबूत करने में भूमिका निभाई। देशभर में नेताओं और आम जनता ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी सहित कई नेताओं ने हादसे की गहन जांच की मांग की। शरद पवार ने लोगों से अपील की कि इस दुखद घटना को राजनीतिक रंग न दें। उन्होंने कहा कि यह केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना है और राजनीति को इसमें नहीं घसीटना चाहिए।
अंतिम संस्कार और परिवार
अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार और दो बेटों को छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। इसमें राज्य और केंद्र के कई वरिष्ठ नेता शामिल होने की संभावना है। उनके निधन से महाराष्ट्र की राजनीति और एनसीपी दोनों में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।
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