AIMIM Controversy: AIMIM नेता का विवादित नारा ‘हम 2 हमारे 2 दर्जन’, राजभर का पलटवार- ‘मुसलमान सिर्फ वोट बैंक बना’

क्या भारत में जनसंख्या नियंत्रण कानून की जरूरत है? इसी बहस के बीच AIMIM नेता के 'दो दर्जन बच्चों' वाले नारे ने आग में घी डालने का काम किया है। कैबिनेट मंत्री राजभर ने इस पर ऐसा क्या कह दिया कि अब मुस्लिम समुदाय में नई बहस छिड़ गई है? जानिए पूरी सच्चाई।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 10, 2026

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AIMIM Controversy: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में आयोजित एक जनसभा के दौरान AIMIM के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली का एक बयान अचानक बड़े सियासी विवाद का कारण बन गया। मंच से बोलते हुए शौकत अली ने मुसलमानों से अधिक बच्चे पैदा करने की अपील की और नारा दिया—“हम दो, हमारे दो दर्जन।” इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं और कई नेताओं ने इसे गैर-जिम्मेदाराना करार दिया।

ओमप्रकाश राजभर की प्रतिक्रिया

प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने शौकत अली के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि मुसलमानों का हमेशा राजनीतिक इस्तेमाल किया गया है, लेकिन उनके हित में किसी ने ठोस काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि नेताओं को मसालेदार बयान देने की आदत होती है। राजभर ने सवाल उठाया कि पहले यह बताया जाए कि खुद शौकत अली के कितने बच्चे हैं, उसके बाद दर्जनों की बात करें। उन्होंने यह भी कहा कि अल्लाह उसी की मदद करता है जो खुद अपनी मदद करता है। साथ ही उन्होंने AIMIM को समाजवादी पार्टी का विकल्प मानने से इनकार किया।

मंत्री असीम अरुण का कड़ा बयान

मंत्री असीम अरुण ने शौकत अली के बयान को बेहद आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि इस तरह की बातें सिर्फ एक जाहिल किस्म का इंसान ही कर सकता है। उन्होंने कहा कि जब परिवार छोटा होता है तो बच्चों की शिक्षा और भविष्य बेहतर तरीके से संवरता है, लेकिन जब बच्चे दर्जनों हों तो उनके जीवन में समस्याएं बढ़ जाती हैं। असीम अरुण ने कहा कि ऐसे बयान किसी राजनीतिक विचारधारा को नहीं, बल्कि वक्ता की सोच को उजागर करते हैं। उन्होंने इस बयान की कड़ी निंदा की।

मुर्शिदाबाद और इतिहास पर टिप्पणी

असीम अरुण ने मुर्शिदाबाद से जुड़ी राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि 500–600 साल पुराने घटनाक्रमों को बार-बार उठाना यह दिखाता है कि कुछ लोग मुगलों द्वारा किए गए आपराधिक कृत्यों को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने राम मंदिर के विध्वंस का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं के अपराधों को किसी भी हाल में जायज नहीं ठहराया जा सकता।

संजय निषाद ने उठाए सामाजिक सवाल

मंत्री संजय निषाद ने भी शौकत अली के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की सोच समाज के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई दर्जनों बच्चे पैदा करेगा तो उनकी शिक्षा, रोजगार और योजनाओं की जिम्मेदारी आखिर सरकार पर ही आएगी। निषाद ने कहा कि इस तरह के बयान समाज में समानता की भावना को खत्म करते हैं और केवल चुनावी राजनीति के लिए दिए जाते हैं।

मुर्शिदाबाद पर संजय निषाद की राय

संजय निषाद ने बताया कि वह स्वयं मुर्शिदाबाद जाकर स्थिति देख चुके हैं। उन्होंने कहा कि वहां जो कुछ हो रहा है, वह बिल्कुल भी सही नहीं है। जिन मुगलों और अंग्रेजों ने देश को लूटा और बर्बाद किया, उन्हें याद करने का यह समय नहीं है। उनके अनुसार, वहां सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए मुद्दों को हवा दी जा रही है।

समाजवादी पार्टी का दावा

समाजवादी पार्टी के सचेतक और विधायक संग्राम सिंह यादव ने कहा कि अब जनता समझदार हो चुकी है और समाज को बांटने वाली राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा जा रही है और सपा सरकार बनने जा रही है। यादव ने कहा कि अल्पसंख्यक समाज यह समझ चुका है कि वोटों का बिखराव नुकसानदायक है और AIMIM की कोशिशों के बावजूद जनादेश पूरी तरह स्पष्ट है।

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