Tamil Nadu Politics : AIADMK में आधी रात को बगावत, क्या विजय के साथ जाएंगे 30 बागी विधायक?

तमिलनाडु चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। विजय की पार्टी TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत से चंद कदम दूर है। इस बीच खबर है कि AIADMK के 30 विधायक पाला बदलकर विजय के साथ जा सकते हैं। क्या तमिलनाडु में 'थलपति युग' शुरू होगा?

Tamil Nadu Politics

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 6, 2026

Tamil Nadu Politics : तमिलनाडु की राजनीति से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। राज्य के प्रमुख विपक्षी दल AIADMK (अन्नाद्रमुक) के भीतर एक बड़ा विद्रोह शुरू हो गया है। आज होने वाली पार्टी के विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक को अचानक टाल दिया गया है। इस घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। खबर है कि पार्टी के निर्वाचित विधायकों के बीच नेतृत्व को लेकर भारी असंतोष है, जिसके कारण एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (EPS) को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर होना पड़ा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब राज्य में सरकार बनाने के लिए जोड़-तोड़ की राजनीति अपने चरम पर है।

विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने का दबाव

AIADMK के भीतर चल रहे इस घमासान की मुख्य वजह विजय की पार्टी TVK (तमिझगा वेत्री कज़गम) को समर्थन देने का मुद्दा है। पार्टी के कुल 47 विधायकों में से अधिकांश का मानना है कि उन्हें अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व वाली पार्टी का साथ देना चाहिए। विधायकों के एक बड़े गुट ने पार्टी नेतृत्व को अप्रत्यक्ष रूप से कड़ी चेतावनी दी है। सूत्रों के अनुसार, बागी विधायकों ने एडप्पाडी पलानीस्वामी से दो टूक कहा है कि यदि उन्होंने जल्द ही TVK को समर्थन देने का औपचारिक फैसला नहीं लिया, तो 30 से ज्यादा विधायक पार्टी तोड़कर स्वतंत्र रूप से विजय को अपना समर्थन दे देंगे।

C V षणमुगम ने संभाली बगावत की कमान

पार्टी के भीतर उभरी इस बगावत का नेतृत्व कद्दावर नेता सी. वी. षणमुगम कर रहे हैं। षणमुगम पार्टी के एक प्रभावशाली चेहरे माने जाते हैं और उनका विधायकों के बीच अच्छा आधार है। खबर मिल रही है कि उनके आवास पर AIADMK के कई असंतुष्ट विधायक जुटने वाले हैं, जहाँ भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। यह बैठक पलानीस्वामी के नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। यदि षणमुगम अपने साथ विधायकों का बड़ा गुट ले जाने में सफल होते हैं, तो AIADMK में बड़ी टूट तय मानी जा रही है, जो तमिलनाडु की दो-दलीय व्यवस्था (DMK और AIADMK) के लिए एक बड़ा झटका होगा।

तमिलनाडु चुनाव 2026: एक नज़र नतीजों पर

तमिलनाडु में 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित किए गए थे। इन नतीजों ने राज्य के दशकों पुराने राजनीतिक इतिहास को पलट कर रख दिया है। विजय की नई पार्टी TVK ने स्थापित राजनीतिक दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए सबसे ज्यादा सीटें जीतकर सबको चौंका दिया है। जनता ने इस बार ‘तीसरे विकल्प’ पर भरोसा जताया है। सीटों का गणित कुछ इस प्रकार है:

  • TVK (विजय): 108 सीटें

  • DMK: 59 सीटें

  • AIADMK: 47 सीटें

  • कांग्रेस: 5 सीटें

  • PMK: 4 सीटें

सरकार बनाने का समीकरण: बहुमत की तलाश

234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जादुई संख्या की आवश्यकता है। TVK के पास 108 सीटें हैं, जिसका अर्थ है कि उन्हें सरकार बनाने के लिए मात्र 10 और विधायकों के समर्थन की जरूरत है। ऐसे में AIADMK के 47 विधायकों की भूमिका ‘किंगमेकर’ की हो गई है। कांग्रेस के 5 विधायकों के संभावित समर्थन के बाद भी विजय को और विधायकों की दरकार होगी। यदि AIADMK का बागी गुट TVK के साथ जाता है, तो विजय का मुख्यमंत्री बनने का रास्ता बिल्कुल साफ हो जाएगा। फिलहाल, अगले 24 घंटे तमिलनाडु की भावी राजनीति के लिए निर्णायक होने वाले हैं।

Read More  :  Vande Mataram Status : वंदे मातरम को मिला राष्ट्रगान के समान दर्जा, कैबिनेट का ऐतिहासिक निर्णय और नए प्रोटोकॉल