Ahmedabad News: अहमदाबाद के महमूदपुरा इलाके में शनिवार को एक दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। वस्त्राल क्षेत्र में रामोल-गतराद रोड पर स्थित ‘टैलेंट फायरवर्क्स’ नाम की पटाखा फैक्ट्री में दोपहर के समय अचानक भीषण आग लग गई। फैक्ट्री में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और पटाखे मौजूद होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण हादसे में मौके पर ही 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग बुरी तरह झुलस गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दल में हड़कंप मच गया।
घायलों का चल रहा इलाज
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि झोपड़ीनुमा ढांचे में चल रही यह फैक्ट्री पल भर में राख के ढेर में तब्दील हो गई। अहमदाबाद के महापौर हितेश बारोट और म्युनिसिपल कमिश्नर बच्छा निधि पानी ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया। महापौर ने बताया कि घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि आग की गंभीरता को देखते हुए मरने वालों की संख्या में अभी और इजाफा हो सकता है। फिलहाल, दमकल विभाग के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया है, लेकिन मलबे से शवों को निकालने का काम अभी भी जारी है।
प्रशासन की बड़ी लापरवाही
इस पूरे अग्निकांड में प्रशासन की घोर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त जयपाल सिंह ने खुलासा किया है कि इस पटाखा फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था, इसके बावजूद इसे पूरी तरह से अवैध और असुरक्षित तरीके से संचालित किया जा रहा था। फैक्ट्री का मालिक मेहुल डोडिया था। आरएएफ (RAF) कैंप के ठीक पीछे चल रही इस अवैध फैक्ट्री में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। रेस्क्यू ऑपरेशन में आरएएफ के जवानों ने सबसे पहले पहुंचकर घायलों को निकालने का काम शुरू किया था, जिससे कुछ जानें बचाई जा सकीं।
दमकल विभाग की मुस्तैदी और गंभीर घायलों का उपचार
चीफ फायर ऑफिसर अमित डोगरे ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां तुरंत घटनास्थल पर भेजी गईं। फायरफाइटर्स ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हुए आग को आसपास के रिहायशी इलाकों में फैलने से रोक लिया। घायलों में से कई लोगों की हालत अभी भी अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें सघन चिकित्सा इकाई (ICU) में रखा गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अवैध रूप से फैक्ट्री चलाने वाले मालिक के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस हादसे ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में चल रहे अवैध पटाखा कारखानों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।










