उन्नत खेती की राह दिखा रहे कृषि विज्ञान मेले, मंत्री कंषाना ने किसानों से उठाने को कहा लाभ

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसान कल्याण वर्ष 2026में कृषि नवाचार और उन्नत खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में कृषि विज्ञान मेलों का आयोजन किया जा रहा है। कृषि, उद्यानिकी, तकनीक विस्तारण एवं तिलहन मिशन में जिला स्तर पर कृषि विज्ञान मेले आयोजित किया जा रहे हैं। इन मेलों का लाभ उठाकर किसान निरंतर उन्नत खेती करें और प्रदेश की समृद्धि में अपना योगदान दें।    कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि मेलों का उद्देश्य कृषकों को उन्नत कृषि तकनीकों, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, मूल्य संवर्धन, विपणन, सूक्ष्म सिंचाई

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Published On :

फ़रवरी 23, 2026

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भोपाल
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसान कल्याण वर्ष 2026में कृषि नवाचार और उन्नत खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में कृषि विज्ञान मेलों का आयोजन किया जा रहा है। कृषि, उद्यानिकी, तकनीक विस्तारण एवं तिलहन मिशन में जिला स्तर पर कृषि विज्ञान मेले आयोजित किया जा रहे हैं। इन मेलों का लाभ उठाकर किसान निरंतर उन्नत खेती करें और प्रदेश की समृद्धि में अपना योगदान दें।   

कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि मेलों का उद्देश्य कृषकों को उन्नत कृषि तकनीकों, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, मूल्य संवर्धन, विपणन, सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप एवं स्प्रिंकलर), नरवाई प्रबंधन, तिलहनी-दलहनी फसलों के विस्तार तथा आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी प्रदान करना है। "कृषि विज्ञान मेला'' किसानों को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने की दिशा में विशेष महत्व रखते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसानों की समृद्धि और कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

मंत्री कंषाना ने कहा कि शासन विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रहा है। उन्होंने मिश्रित खेती की पारंपरिक पद्धति को भूमि की उर्वरता के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि वर्तमान में एकल फसल प्रणाली एवं रासायनिक उर्वरकों-कीटनाशकों के अत्याधिक उपयोग से भूमि की गुणवत्ता के साथ सभी का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने किसानों से नवीन तकनीकों एवं ज्ञान को व्यवहार में लाने तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाकर स्वस्थ समाज एवं समृद्ध किसान के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया।

किसान, कृषि विज्ञान मेलों में केवल अवलोकन तक सीमित न रहें, बल्कि शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लें। कृषि मंत्री कंषाना ने बताया कि प्रदेश में जैविक खेती को व्यापक रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को उन्नत कृषि एवं उद्यानिकी की ओर प्रेरित करना आवश्यक है, जिससे कृषि क्षेत्र में नवाचार एवं समृद्धि सुनिश्चित हो सके। किसान, कृषि विज्ञान मेलों में प्रदर्शनी को ध्यानपूर्वक देखें, समझें और प्राप्त जानकारी को अपनी खेती में लागू करें। उन्होंने कहा कि नरवाई जलाने से भूमि की उर्वरकता को हानि होती है तथा दंड का प्रावधान है। नरवाई का उपयोग जैविक खाद एवं अन्य उपयोगों में कर लाभ अर्जित किया जा सकता है।

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