नाबाद 400 के बाद 175 रनों की पारी, चिन्मय सुतार ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में रचा इतिहास

नई दिल्ली घरेलू क्रिकेट में इस समय मिजोरम के 29 वर्षीय बल्लेबाज चिन्मय सुतार अपने बल्ले से नया इतिहास रच रहे हैं। अपनी लगातार लंबी पारियों और निरंतरता से उन्होंने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। नागालैंड के खिलाफ नाबाद 400 रनों की मैराथन पारी खेलने के बाद अब उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 175 रनों की शानदार पारी खेली है। इस बेहतरीन प्रदर्शन के साथ ही चिन्मय ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है जो पिछले एक शतक से भी अधिक समय से अटूट था। 103 साल पुराना रिकॉर्ड

Wrriten By :

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Published On :

नवम्बर 5, 2026

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नई दिल्ली
घरेलू क्रिकेट में इस समय मिजोरम के 29 वर्षीय बल्लेबाज चिन्मय सुतार अपने बल्ले से नया इतिहास रच रहे हैं। अपनी लगातार लंबी पारियों और निरंतरता से उन्होंने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। नागालैंड के खिलाफ नाबाद 400 रनों की मैराथन पारी खेलने के बाद अब उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 175 रनों की शानदार पारी खेली है। इस बेहतरीन प्रदर्शन के साथ ही चिन्मय ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है जो पिछले एक शतक से भी अधिक समय से अटूट था।

103 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ा
अरुणाचल के खिलाफ इस शतक के साथ चिन्मय सुतार के नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट की शुरुआती पांच पारियों में कुल 834 रन दर्ज हो चुके हैं। इसके साथ ही वे अपने शुरुआती पांच फर्स्ट क्लास मैचों की पारियों में दुनिया में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व महान बल्लेबाज बिल पोंसफोर्ड का 103 साल पुराना कीर्तिमान ध्वस्त कर दिया है। पोंसफोर्ड ने साल 1921 से 1923 के दौरान अपनी शुरुआती पांच पारियों में 724 रन बनाए थे जिसे अब भारतीय बल्लेबाज ने पीछे छोड़ दिया है।

किसी ने नहीं किया ऐसा कारनामा
चिन्मय की यह उपलब्धि इतनी बड़ी है कि अगर वे अपनी अगली पारी में बिना कोई खाता खोले भी आउट हो जाते हैं तो भी शुरुआती छह पारियों में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड उन्हीं के नाम रहेगा। उन्होंने इस मामले में अफगानिस्तान के बशीर शाह के 831 रनों के आंकड़े को पार कर लिया है। मौजूदा रणजी ट्रॉफी सत्र में अपना पर्दापण करने वाले चिन्मय ने मणिपुर के खिलाफ पहली बार मैदान पर उतरकर 35 और 99 रनों का योगदान दिया था। इसके बाद उन्होंने नागालैंड के खिलाफ नाबाद 400 रन मेघालय के विरुद्ध 125 रन और अब अरुणाचल के खिलाफ शतक जमाकर इस सीजन में 208.50 की अविश्वसनीय औसत से 834 रन बना लिए हैं।

सेलेक्टर्स सोचने पर मजबूर
29 साल से अधिक की उम्र में इस तरह के बड़े रिकॉर्ड्स कायम करना चिन्मय की कड़ी मेहनत को दर्शाता है। हालांकि, भारतीय टीम में जगह बनाना कभी भी आसान नहीं होता लेकिन जिस अंदाज में उन्होंने अपने फर्स्ट क्लास करियर का आगाज किया है उसने सेलेक्टर्स को सोचने पर मजबूर जरूर कर दिया है।

 

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