Afghanistan Earthquake : अफगानिस्तान में 5.5 तीव्रता का भूकंप, देर रात तेज झटकों से दहशत में जागे हजारों लोग

देर रात आए 5.5 तीव्रता के भूकंप ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में लोगों की नींद उड़ा दी। तेज झटकों के बाद हजारों लोग घरों से बाहर निकल आए और दहशत का माहौल बन गया। आखिर भूकंप का केंद्र कहां था, कितना नुकसान हुआ और प्रशासन ने क्या जानकारी दी, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Afghanistan Earthquake

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 2, 2026

Afghanistan Earthquake : बुधवार, 1 जुलाई की देर रात अफगानिस्तान में धरती फिर से कांप उठी। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के आंकड़ों के अनुसार, रात 11:27 बजे (भारतीय समयानुसार) आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.5 मापी गई। इसका केंद्र 173 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। गनीमत रही कि इस भूकंप के बाद फिलहाल किसी भी तरह के बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। विशेषज्ञ बताते हैं कि अफगानिस्तान का हिंदू कुश क्षेत्र अत्यधिक भूकंप-संवेदनशील जोन में आता है, जिसके कारण यहां अक्सर झटके महसूस किए जाते रहते हैं।

टेक्टोनिक प्लेटों का टकराव और अफगानिस्तान की भौगोलिक संवेदनशीलता

अफगानिस्तान में बार-बार आने वाले भूकंपों के पीछे मुख्य कारण इसकी भौगोलिक स्थिति है। यह देश भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन बिंदु पर स्थित है, जो इसे हमेशा सक्रिय रखते हैं। इसके अतिरिक्त, देश के कई हिस्सों, विशेषकर हेरात जैसे इलाकों से प्रमुख फॉल्ट लाइनें गुजरती हैं, जो खतरे को कई गुना बढ़ा देती हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (UNOCHA) का मानना है कि अफगानिस्तान भूकंप, भूस्खलन और मौसमी बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील है।

दशकों के संघर्ष ने कम की आपदाओं से निपटने की क्षमता

अफगानिस्तान के लिए प्राकृतिक आपदाएं किसी दोहरी मार से कम नहीं हैं। देश पहले से ही दशकों के संघर्ष, राजनीतिक अस्थिरता और सीमित विकास के दौर से गुजर रहा है। इन परिस्थितियों ने स्थानीय समुदायों की आपदाओं को झेलने और उनसे उबरने की क्षमता को बेहद कमजोर कर दिया है। जब भी कोई भूकंप आता है, तो पहले से ही जर्जर हो चुके बुनियादी ढांचे और संसाधनों की कमी के कारण सामान्य जनजीवन और अधिक कठिन हो जाता है।

वेनेजुएला में भीषण भूकंप

दूसरी ओर, वेनेजुएला इस समय एक भयावह त्रासदी से जूझ रहा है। पिछले हफ्ते आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने देश में भारी तबाही मचाई है। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रामिरेज ने मंगलवार को जानकारी दी कि मृतकों की संख्या 1,943 तक पहुंच गई है, जो लगातार बढ़ रही है। बचाव और राहत दल मलबे में दबे लोगों को खोजने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं, लेकिन मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका लगातार बनी हुई है।

मौत का आंकड़ा 10,000 के पार होने की जताई जा रही चिंता

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि US जियोलॉजिकल सर्वे ने बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की चेतावनी दी है। CNN की रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला में संयुक्त राष्ट्र के मानवीय समन्वयक जियानलुका रैम्पोला ने संकेत दिया है कि सरकार और संयुक्त राष्ट्र 10,000 बॉडी बैग की मांग कर रहे हैं, जो इस त्रासदी की भयावहता को दर्शाता है। वेनेजुएला सरकार और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं, लेकिन घायलों और लापता लोगों की बड़ी संख्या चुनौती बनी हुई है।

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