यूरिया-DAP की जमाखोरी और अवैध बिक्री पर होगी कार्रवाई, सूचना देने वालों को मिलेगा नकद इनाम

 बालोतरा  किसानों को रियायती दरों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने और अनुदानित उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए भजनलाल सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। कृषि आयुक्तालय ने प्रदेशभर में अनुदानित यूरिया और डीएपी के अवैध भंडारण, जमाखोरी, कालाबाजारी और औद्योगिक इकाइयों में इनके गैर-कृषि उपयोग पर अंकुश लगाने के निर्देश जारी किए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि केंद्र सरकार किसानों को सस्ती दरों पर खाद उपलब्ध कराने के लिए भारी सब्सिडी देती है। प्रति बैग यूरिया पर

Wrriten By :

Editor

Published On :

नवम्बर 6, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

 बालोतरा
 किसानों को रियायती दरों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने और अनुदानित उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए भजनलाल सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। कृषि आयुक्तालय ने प्रदेशभर में अनुदानित यूरिया और डीएपी के अवैध भंडारण, जमाखोरी, कालाबाजारी और औद्योगिक इकाइयों में इनके गैर-कृषि उपयोग पर अंकुश लगाने के निर्देश जारी किए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि केंद्र सरकार किसानों को सस्ती दरों पर खाद उपलब्ध कराने के लिए भारी सब्सिडी देती है। प्रति बैग यूरिया पर करीब 2700 रुपए और डीएपी पर करीब 3500 रुपए तक की सब्सिडी दी जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की खेती की लागत कम करना और उन्हें उचित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराना है। ऐसे में अनुदानित खाद का गैर-कृषि कार्यों में इस्तेमाल करना सरकारी सहायता का दुरुपयोग है।

उल्लंघन पर तीन महीने से सात साल तक की सजा
आयुक्त ने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 7 के तहत नियमों का उल्लंघन करने पर तीन महीने से सात वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, अधिनियम की धारा 10 के तहत कंपनियों के जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों को जब्त करने के साथ ही निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने और अनुदानित उर्वरकों को दूसरे कार्यों में इस्तेमाल के लिए भेजने (डायवर्जन) पर भी कार्रवाई होगी।

औद्योगिक इकाइयों को देना होगा मासिक विवरण
सरकार ने औद्योगिक इकाइयों में खाद के दुरुपयोग पर निगरानी बढ़ाने के लिए भी व्यवस्था की है। औद्योगिक, प्लाईवुड, रेजिन और पशु आहार बनाने वाली इकाइयों को गैर-अनुदानित यूरिया की खरीद और उससे संबंधित उत्पादन का मासिक विवरण कृषि विभाग को देना होगा। इससे औद्योगिक उपयोग की आड़ में अनुदानित यूरिया के इस्तेमाल और उसकी कालाबाजारी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

सूचना देने वालों को मिलेगा नकद प्रोत्साहन
कृषि आयुक्तालय ने कालाबाजारी, अवैध परिवहन और खाद की जमाखोरी के मामलों में आमजन की भागीदारी बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। इसके तहत ऐसे मामलों की प्रमाणिक सूचना देने वाले लोगों को मुखबिर योजना के तहत नकद प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य अनुदानित खाद की आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और किसानों तक सरकारी सब्सिडी का लाभ पहुंचाना है।

 

2