चुनावी माहौल में ED का एक्शन: 3 दिन में दो बड़े आप नेताओं के घर छापेमारी, सीएम मान ने बताया ‘चुनावी खेल’

चंडीगढ़ पंजाब की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता ने बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने महज तीन दिनों के भीतर आम आदमी पार्टी के दो प्रमुख नेताओं के आवासों पर छापेमारी की। इस अचानक हुई कार्रवाई से राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। जहाँ एक तरफ एजेंसियां इसे अपनी नियमित जांच का हिस्सा बता रही हैं, वहीं सत्ताधारी दल इसे सीधे तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई मान रहा है। मुख्यमंत्री मान का केंद्र पर तीखा हमला इन छापों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते

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Published On :

अप्रैल 18, 2026

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चंडीगढ़
पंजाब की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता ने बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने महज तीन दिनों के भीतर आम आदमी पार्टी के दो प्रमुख नेताओं के आवासों पर छापेमारी की। इस अचानक हुई कार्रवाई से राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। जहाँ एक तरफ एजेंसियां इसे अपनी नियमित जांच का हिस्सा बता रही हैं, वहीं सत्ताधारी दल इसे सीधे तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई मान रहा है।

मुख्यमंत्री मान का केंद्र पर तीखा हमला
इन छापों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, भाजपा अपनी हार के डर से केंद्रीय जांच एजेंसियों को आगे कर देती है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं बल्कि एक 'चुनावी खेल' है जिसका मकसद आम आदमी पार्टी के बढ़ते प्रभाव को रोकना और नेताओं के मनोबल को तोड़ना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी धमकियों से उनकी सरकार और पार्टी झुकने वाली नहीं है।

लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल
आम आदमी पार्टी के नेतृत्व ने इस मुद्दे को लोकतंत्र की गरिमा से जोड़ते हुए कहा है कि विपक्षी आवाजों को दबाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का अनुचित प्रयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि तीन दिनों के भीतर दो नेताओं को निशाना बनाना यह दर्शाता है कि एजेंसियां किसके इशारे पर काम कर रही हैं। पार्टी का तर्क है कि जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। इस घटनाक्रम ने पंजाब में केंद्र और राज्य सरकार के बीच के तनाव को और गहरा कर दिया है।

चुनावी समीकरणों पर छापों का असर
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन छापों का असर आने वाले चुनावों के प्रचार और समीकरणों पर पड़ना तय है। जहाँ आम आदमी पार्टी इसे 'विक्टिम कार्ड' के रूप में पेश कर जनता की सहानुभूति बटोरने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्षी दल भ्रष्टाचार के मुद्दों को हवा देंगे। फिलहाल, राज्य में विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है और पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद पंजाब की सियासत को और अधिक गरमा सकता है।

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