West Bengal Election: पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव की आहट ने राज्य की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। इसी बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रख्यात कानूनविद अभिषेक मनु सिंघवी के एक हालिया बयान ने सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी है। सिंघवी ने न केवल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व को बेजोड़ बताया, बल्कि दिल्ली दरबार को यह स्पष्ट संकेत भी दिया कि बंगाल में बीजेपी को रोकने के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के साथ हाथ मिलाना समय की मांग है।
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कांग्रेस नेतृत्व को सिंघवी की दो टूक सलाह
अभिषेक मनु सिंघवी ने बंगाल की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों का विश्लेषण करते हुए पार्टी आलाकमान को गठबंधन करने की ‘निजी’ सलाह दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि कांग्रेस बंगाल में प्रासंगिक रहना चाहती है, तो उसे जमीनी आंकड़ों और हकीकत को स्वीकार करना होगा। सिंघवी के अनुसार, चुनाव में अब गठबंधन के सिवाय दूसरा कोई विकल्प शेष नहीं है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को ही लेना है, लेकिन उनका मानना है कि बिखरा हुआ विपक्ष केवल बीजेपी को फायदा पहुँचाएगा।
बंगाल की संस्कृति और नेतृत्व की सराहना
सिंघवी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रशंसा करते हुए उन्हें राज्य की ‘अजेय शक्ति’ करार दिया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी एक ऐसी नेता हैं जिनकी रगों में बंगाल की संस्कृति दौड़ती है और वे जनता के दिलो-दिमाग पर राज करती हैं। विशेषकर महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति को राजनीति का केंद्र बनाने के मामले में सिंघवी ने ममता को भारत का सर्वश्रेष्ठ राजनेता बताया। उनके अनुसार, ममता की ऊर्जा और बंगाल की नब्ज पर उनकी पकड़ ही उन्हें दूसरों से अलग खड़ा करती है।
बीजेपी पर हमला
भारतीय जनता पार्टी के आक्रामक चुनाव प्रचार पर कटाक्ष करते हुए सिंघवी ने इसे ‘खोदा पहाड़ और निकली चुहिया’ की संज्ञा दी। उन्होंने पिछले चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि बीजेपी ने तब भी 200 से अधिक सीटें जीतने का शोर मचाया था, जो अंततः केवल एक मनोवैज्ञानिक युद्ध साबित हुआ। उन्होंने मतदाताओं को आगाह किया कि बीजेपी के चुनावी बिगुल और माहौल बनाने की प्रवृत्ति से प्रभावित होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनकी जमीनी पकड़ दावों के विपरीत है।
आगामी चुनाव में निष्पक्षता को लेकर गंभीर चिंता
सिंघवी ने चुनाव में पैसों के बढ़ते प्रभाव पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी चुनाव में धनशक्ति का जमकर दुरुपयोग होगा और इस मामले में बीजेपी अन्य दलों के मुकाबले कहीं आगे खड़ी है। सिंघवी ने कहा कि भाजपा ने अपने संगठनात्मक ढांचे को सत्ता और पैसे के दम पर पूरी तरह बदल दिया है, जिसे बंगाल की जागरूक जनता को समझने और नकारने की जरूरत है।
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