Abhishek Banerjee Office: फायर सेफ्टी में गंभीर खामियां, बेसमेंट समेत तीन मंजिलें खाली कराने का नोटिस

अभिषेक बनर्जी से जुड़े कार्यालय में फायर सेफ्टी को लेकर गंभीर खामियां सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है। जांच के दौरान बेसमेंट और दो अन्य मंजिलों में सुरक्षा मानकों को लेकर आपत्तियां दर्ज की गईं। संबंधित विभाग ने इन हिस्सों को खाली कराने का नोटिस जारी किया है।

Abhishek Banerjee Office

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 4, 2026

Abhishek Banerjee Office : कोलकाता स्थित तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के 9 कैमक स्ट्रीट कार्यालय को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। फायर विभाग की जांच में कार्यालय वाली इमारत में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर कमियां पाई गई हैं। जांच के बाद विभाग ने इमारत के बेसमेंट, छठी और सातवीं मंजिल को खाली कराने का नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई के बाद कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

जांच में सामने आईं अग्नि सुरक्षा की गंभीर खामियां

फायर विभाग के अनुसार, 9 कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय भवन में निर्धारित फायर सेफ्टी नियमों का उचित तरीके से पालन नहीं किया गया था। विभाग की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि भवन का फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट यानी FSC पहले ही समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया।

10 अगस्त 2026 को समाप्त हुआ फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट

विभाग की ओर से जारी नोटिस में बताया गया है कि कार्यालय का फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट 10 अगस्त 2026 को समाप्त हो गया। नोटिस के मुताबिक, प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त होने से पहले ही उसका नवीनीकरण कराया जाना जरूरी था। इसके लिए पहले से सिफारिश भी की गई थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रमाणपत्र को रिन्यू नहीं कराया गया।

फायर सेफ्टी सुनवाई में उपस्थित नहीं होने का भी जिक्र

नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि 9 कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय में अग्नि सुरक्षा से संबंधित मामले को लेकर सुनवाई का नोटिस दिया गया था। हालांकि, विभाग के अनुसार संबंधित पक्ष सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद फायर विभाग ने भवन में मौजूद सुरक्षा संबंधी कमियों को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई की।

पश्चिम बंगाल फायर सर्विसेज एक्ट का दिया गया हवाला

फायर विभाग ने अपने नोटिस में पश्चिम बंगाल फायर सर्विसेज एक्ट, 1950 की धारा 11C का भी उल्लेख किया है। इसके तहत अग्नि सुरक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक सिफारिशों का अनुपालन सुनिश्चित करने और फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट प्राप्त करने की जिम्मेदारी भवन मालिक की बताई गई है। विभाग ने इसी कानूनी प्रावधान के तहत सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर दिया है।

बेसमेंट को आग और जीवन सुरक्षा के लिहाज से असुरक्षित बताया

नोटिस के मुताबिक, इमारत के बेसमेंट में जरूरी अग्नि सुरक्षा उपायों के उचित रखरखाव की कमी पाई गई। विभाग ने इसे आग और जीवन सुरक्षा के दृष्टिकोण से असुरक्षित माना है। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति से वहां मौजूद लोगों के साथ-साथ संपत्ति और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है।

छठी और सातवीं मंजिल भी खाली कराने का निर्देश

फायर विभाग ने बेसमेंट के अलावा इमारत की छठी और सातवीं मंजिल को भी तत्काल खाली कराने का निर्देश दिया है। विभाग की ओर से जारी नोटिस में सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने और निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। फिलहाल इन मंजिलों के इस्तेमाल पर विभाग की कार्रवाई का सीधा असर पड़ सकता है।

नवीनीकरण और सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर

फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, पहले जारी प्रमाणपत्र तीन वर्ष की अवधि के लिए वैध था और उसमें समाप्ति से पहले नवीनीकरण कराने की सिफारिश की गई थी। अब प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त होने के बाद फायर विभाग ने भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर आपत्ति जताई है। विभाग की कार्रवाई का मुख्य आधार सुरक्षा उपायों की कमी और प्रमाणपत्र का नवीनीकरण नहीं होना बताया गया है।

कार्रवाई के बाद बढ़ी राजनीतिक हलकों में हलचल

अभिषेक बनर्जी के कार्यालय वाली इमारत को लेकर फायर विभाग की इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, नोटिस में मुख्य रूप से अग्नि सुरक्षा नियमों और भवन की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित कमियों का उल्लेख किया गया है। अब आगे की प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित पक्ष विभाग की आपत्तियों को किस तरह दूर करता है और फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के नवीनीकरण समेत जरूरी सुरक्षा मानकों का अनुपालन कब तक सुनिश्चित किया जाता है।

Read More :  Xi Jinping Health: शी जिनपिंग को दो बार हार्ट अटैक? तिब्बत के पूर्व PM ने किया दावा