Bengal Election: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को मुर्शिदाबाद में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मतदाताओं को आगाह किया कि भाजपा को रोकने के लिए केवल तृणमूल ही एकमात्र विकल्प है और किसी अन्य दल का समर्थन करना अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा को मजबूत करने जैसा होगा।
कांग्रेस और BJP के बीच ‘अदृश्य सांठगांठ’ का आरोप
मुर्शिदाबाद, जो कभी कांग्रेस का अभेद्य किला माना जाता था, वहां फरक्का में रोड शो के बाद अभिषेक बनर्जी ने राजनीतिक समीकरणों (Political Equations) पर बात की। उन्होंने दावा किया कि जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस को संगठनात्मक रूप से तोड़ने का काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस जमीनी स्तर पर भगवा दल के प्रभाव को खत्म करने के लिए संघर्ष कर रही है। बनर्जी के अनुसार, क्षेत्र के अल्पसंख्यक और गरीब मतदाताओं को डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन तृणमूल उनके अधिकारों की रक्षा के लिए ढाल बनकर खड़ी है।
विपक्षी दलों पर साधा निशाना
अभिषेक बनर्जी ने अपनी इस चुनावी रैली (Election Rally) में कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों के दौरान कांग्रेस का कोई भी जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सड़कों पर नहीं उतरा। बनर्जी ने एक नया नारा देते हुए कहा कि कांग्रेस, हुमायूं कबीर की पार्टी और केंद्रीय जांच एजेंसियां (ED/CBI) वास्तव में भाजपा की ‘तीन एजेंसियां’ बनकर काम कर रही हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे समुदाय की भावनाओं से खिलवाड़ करने वाले इन विपक्षी समूहों (Opposition Groups) के बहकावे में न आएं।
‘देश को बांटने की साजिश’ का गंभीर आरोप
केंद्र की एनडीए सरकार पर हमला बोलते हुए तृणमूल नेता ने महिला आरक्षण और परिसीमन (Delimitation Controversy) के मुद्दे को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि 2029 में महिला आरक्षण लागू करने के नाम पर सरकार परिसीमन की आड़ में देश के इलेक्टोरल मैप को अपने फायदे के अनुसार बदलना चाहती है। बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार अपनी ताकत का इस्तेमाल देश को विभाजित करने के लिए कर रही है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस संविधान में किसी भी प्रकार का जबरदस्ती परिवर्तन या संवैधानिक छेड़छाड़ (Constitutional Tampering) कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
बंगाल में ‘डिटेंशन सेंटर’ न बनने देने का संकल्प
अभिषेक बनर्जी ने असम का उदाहरण देते हुए अल्पसंख्यक और हिंदू मतदाताओं को एनआरसी प्रक्रिया (NRC Process) के खतरों के प्रति सचेत किया। उन्होंने दावा किया कि असम में लाखों लोगों को डिटेंशन सेंटर भेजा गया है, लेकिन बंगाल में ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। अभिषेक बनर्जी ने जोर देकर कहा कि जब तक ममता बनर्जी सत्ता में हैं, किसी भी व्यक्ति को कतारों में खड़े होकर अपनी नागरिकता साबित करने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि 23 अप्रैल को होने वाले मतदान में ऐसी ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दें जो बंगाल की शांति भंग करना चाहती हैं।
मतदाताओं से 23 अप्रैल तक सजग रहने की अपील
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, मुर्शिदाबाद में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत 23 अप्रैल को वोट डाले जाने हैं। अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं और आम जनता से चुनावी प्रक्रिया (Electoral Process) के अंत तक सतर्क रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि “अगर आप वास्तव में भाजपा को हराना चाहते हैं, तो अपना कीमती वोट बर्बाद न करें।” उनके अनुसार, तृणमूल कांग्रेस ही बंगाल की संस्कृति और धर्मनिरपेक्ष ढांचे की एकमात्र रक्षक है। रैली में भारी भीड़ को देखते हुए उन्होंने दावा किया कि मुर्शिदाबाद के परिणाम विरोधियों की आंखें खोल देंगे।









