Abhishek Banerjee : अभिषेक बनर्जी पर फिर बढ़ी मुश्किल, हाईकोर्ट ने वारंट पर रोक हटाई

तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं, क्योंकि हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ चल रहे मामले में वारंट पर लगी रोक को हटाने का निर्णय लिया है, जिससे अब उनके खिलाफ कार्रवाई की संभावनाएं बढ़ गई हैं और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है

Abhishek Banerjee

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 18, 2026

Abhishek Banerjee : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर सांसद अभिषेक बनर्जी के लिए कानूनी संकट गहरा गया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर पहले से लगी हुई अंतरिम रोक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। यह फैसला तब आया है जब हाई कोर्ट के समक्ष अभिषेक बनर्जी की याचिका पर सुनवाई चल रही थी। कोर्ट की यह कार्रवाई अभिषेक बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि अब उनके खिलाफ निचली अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट को निष्पादित करने का रास्ता साफ हो गया है।

बहस से नदारद रहने पर कोर्ट ने जताई नाराजगी

हाई कोर्ट के इस रुख के पीछे का मुख्य कारण याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी की कमी रही। सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के वकीलों को बहस का अवसर दिया, तो उनकी तरफ से कोई भी कानूनी तर्क प्रस्तुत नहीं किया गया। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता अब अपनी इस याचिका को आगे बढ़ाने में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके बाद कोर्ट ने 12 नवंबर 2025 को पारित उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसके जरिए भोपाल की MP-MLA कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के निष्पादन पर रोक लगाई गई थी।

आखिर क्या है पूरा मामला? 2020 का वह विवाद

यह पूरा विवाद साल 2020 का है, जब कोलकाता में एक बड़ी राजनीतिक सभा आयोजित की गई थी। इस सभा को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। इस बयान से आहत होकर आकाश विजयवर्गीय ने भोपाल की विशेष MP-MLA कोर्ट में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मानहानि और कानूनी शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए भोपाल की अदालत ने अभिषेक बनर्जी की अनुपस्थिति और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था।

आगे क्या हो सकता है? बढ़ती कानूनी चुनौतियां

हाई कोर्ट द्वारा अंतरिम रोक हटाए जाने के बाद अब अभिषेक बनर्जी पर गिरफ्तारी की तलवार फिर से लटक गई है। अब भोपाल की MP-MLA कोर्ट के पास यह अधिकार है कि वह अपने द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट को आगे बढ़ा सके और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई कर सके। हालांकि, कानूनी जानकारों का मानना है कि अभिषेक बनर्जी के पास अब सुप्रीम कोर्ट जाने या हाई कोर्ट में फिर से राहत की मांग करने का विकल्प हो सकता है, लेकिन वर्तमान स्थिति में उनकी मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। यह राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है कि आगामी समय में टीएमसी सांसद इस कानूनी लड़ाई को किस प्रकार संभालते हैं। फिलहाल, पूरे मामले पर सभी की निगाहें भोपाल की विशेष अदालत के अगले कदम पर टिकी हैं।

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