Abhijeet Deepke: नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में हुए बड़े छात्र आंदोलन के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड के गोड्डा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ‘चलो संसद मार्च’ के प्रमुख चेहरा अभिजीत दीपके भविष्य में भीम आर्मी के टिकट पर उत्तर प्रदेश से विधानसभा चुनाव लड़ते नजर आएंगे। संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए दुबे ने तर्क दिया कि इतिहास गवाह है कि देश के हर बड़े जन-आंदोलन से राजनीतिक नेताओं का जन्म होता है।
अपने दावे को मजबूत करने के लिए भाजपा सांसद ने अतीत के आंदोलनों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण (जेपी) के आंदोलन से लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार जैसे बड़े नेता निकले, जबकि अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की उपज अरविंद केजरीवाल हैं, जो आज दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय उदाहरण देते हुए कहा कि नेपाल में भी ‘जेन जी’ (Gen Z) आंदोलन से जुड़े युवा अंततः मुख्यधारा की राजनीति में शामिल हो गए। इसलिए, यह पूरी तरह तय है कि अभिजीत दीपके भी जल्द ही एक राजनीतिक दल का हिस्सा बनेंगे और वे भीम आर्मी के बैनर तले चुनावी मैदान में उतरेंगे।
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‘आंदोलनकारियों के पीछे सीएए विरोधी और भीम आर्मी के लोग’
निशिकांत दुबे ने सोमवार को हुए ‘चलो संसद मार्च’ के दौरान हुई नारेबाजी और भीड़ की प्रकृति पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक के बहाने प्रदर्शन कर रहे युवाओं के बीच वास्तव में भीम आर्मी के कार्यकर्ता और समर्थक सक्रिय थे। दुबे के अनुसार, अभिजीत दीपके के इर्द-गिर्द जो लोग नारे लगा रहे थे, वे वही चेहरे हैं जिन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का विरोध किया था और ओखला (शाहीन बाग) के लंबे धरने में शामिल थे। उन्होंने कहा कि इन लोगों का वास्तविक एजेंडा शिक्षा सुधार नहीं, बल्कि पूरी तरह से राजनीतिक है।
इसके बावजूद, भाजपा सांसद ने दावा किया कि देश का सामान्य युवा और आंदोलनकारी आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही अपना सर्वोच्च नेता मानते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को अगर किसी पर भरोसा है कि वह उनकी समस्याओं का निष्पक्ष समाधान कर सकता है, तो वे सिर्फ पीएम मोदी हैं। आंदोलनकारी युवाओं ने बार-बार यही मांग की है कि उनकी बात प्रधानमंत्री तक पहुंचाई जाए ताकि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आए और दोषियों को सख्त सजा मिले। मंगलवार को हुई एनडीए संसदीय दल की बैठक में भी पीएम मोदी ने इस विषय पर गंभीरता से चर्चा की है।
विपक्ष पर तीखा पलटवार
मीडिया से बातचीत के दौरान निशिकांत दुबे ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखे हमले किए। केजरीवाल द्वारा प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी का जवाब देते हुए दुबे ने कहा कि सड़क पर चलते किसी भी व्यक्ति के बयान पर प्रधानमंत्री को प्रतिक्रिया देने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने ‘आप’ सरकार को घेरते हुए कहा कि केजरीवाल ने पंजाब को ड्रग्स का अड्डा बना दिया है, जहां युवा बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अन्ना आंदोलन से निकले केजरीवाल ने मुख्यमंत्री बनने के बाद दिल्ली में लोकपाल क्यों नहीं लागू किया और वे अन्ना हजारे से मिलने क्यों नहीं गए?
दूसरी तरफ, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के लिए प्रधानमंत्री से माफी मांगने की मांग पर दुबे ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि माफी तो कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार को मांगनी चाहिए, जिन्होंने 1975 में देश पर आपातकाल (Emergency) थोपा था। इसके साथ ही, कांग्रेस शासनकाल के दौरान अन्ना हजारे आंदोलन को जिस क्रूरता से दबाया गया और आधी रात को रामलीला मैदान में सो रहे बाबा रामदेव के समर्थकों व युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया था, उसके लिए कांग्रेस को देश से क्षमा मांगनी चाहिए।
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