जगतार की मां से AAP विधायक की मुलाकात, बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी को पैरोल देने की मांग

फतेहगढ़ साहिब. आम आदमी पार्टी श्री चमकौर साहिब से विधायक डॉ. चरणजीत सिंह ने फतेहगढ़ साहिब जिले के अधीन आती खमानों तहसील के गांव हवारा कलां पहुंचकर जगतार सिंह हवारा की बुजुर्ग व बीमार माता नरिंदर कौर से मुलाकात की। जगतार सिंह हवारा हत्या मामले में दिल्ली की मंडोली जेल में सजा काट रहा है। माता की नाजुक स्थिति को देखते हुए विधायक ने गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि एक मां की अपने बेटे से मिलने की तड़प और दर्द को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। डॉ. चरणजीत सिंह ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत

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Published On :

अगस्त 26, 2026

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फतेहगढ़ साहिब.

आम आदमी पार्टी श्री चमकौर साहिब से विधायक डॉ. चरणजीत सिंह ने फतेहगढ़ साहिब जिले के अधीन आती खमानों तहसील के गांव हवारा कलां पहुंचकर जगतार सिंह हवारा की बुजुर्ग व बीमार माता नरिंदर कौर से मुलाकात की।

जगतार सिंह हवारा हत्या मामले में दिल्ली की मंडोली जेल में सजा काट रहा है। माता की नाजुक स्थिति को देखते हुए विधायक ने गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि एक मां की अपने बेटे से मिलने की तड़प और दर्द को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। डॉ. चरणजीत सिंह ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात कर और केंद्र सरकार को पत्र भेजकर जगतार सिंह हवारा को कम से कम 10 दिनों की पैरोल देने की पुरजोर मांग की है, ताकि अपनी बीमार मां की देखभाल कर सकें। उन्होंने कहा कि इंसानियत और मानवाधिकारों के नाते हवारा को तुरंत पैरोल मिलनी चाहिए। इस अवसर पर विधायक ने माता जी के स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की प्रार्थना भी की।

विधानसभा सत्र में भी उठा पैरोल का मुद्दा
पंजाब विधानसभा के वर्तमान सत्र के दौरान भी जगतार सिंह हवारा को पैरोल दिए जाने की मांग उठी थी। गौरतलब है कि हवारा को 1995 के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड की साजिश रचने का दोषी ठहराया गया था। निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) ने 2007 में उन्हें फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में अक्टूबर 2010 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया था।

बेअंत सिंह हत्याकांड से संबंध
जगतार सिंह हवारा पूर्व में वॉलीबॉल के कुशल खिलाड़ी रहे हैं। 31 अगस्त 1995 को पंजाब और हरियाणा सचिवालय के बाहर हुए एक भीषण बम धमाके में पंजाब के तत्कालीन 12वें मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की मृत्यु हो गई थी। इस घटना में पंजाब पुलिस के एक सिपाही सहित 17 लोगों की जान गई थी। इस वारदात को दिलावर सिंह ने मानव बम बनकर अंजाम दिया था, जिसमें हवारा और बलवंत सिंह राजोआणा को मुख्य साजिशकर्ता ठहराया गया था।

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