Raghav Chadha News: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मची अंदरूनी कलह अब खुलकर सड़कों और सोशल मीडिया पर आ गई है.पार्टी की टॉप लीडरशिप ने अपने ही राज्यसभा सासंद राघव चड्डा पर तीखे सवाल दागने शुरु कर दिए है. पार्टी नेता सोरभ भारद्वाज और पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनुराग ढांडा ने एक ही सुर में सासंद राघव चड्डा पर हमला बोलते हुए उनकी निष्ठा और कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए है.
सौरभ भारद्वाज ने उठाए गंभीर सवाल
इसी सियासी घमासान के बीच आप नेता सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्डा पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या उन्होंने गुजरात में पुलिस द्वारा बेफिजूल में गिरफ्तार किए गए पार्टी कार्यकर्ताओ के हक और समर्थन में संसद के अंदर एक बार भी आवाज उठाई ? इसी कड़ी में आगे उन्होनें सवाल पूछा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र पर हुए कथित हमलों के मुद्दे पर चड्ढा ने कोई ठोस पहल क्यों नहीं की. सौरभ भारद्वाज ने कड़े शब्दों में कहा कि संसद में एक छोटी पार्टी को मिलने वाले बेहद सीमित समय का उपयोग गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों को उठाने के लिए होना चाहिए, लेकिन राघव चड्ढा उस आक्रामक भूमिका में कहीं सक्रिय नहीं दिख रहे. उन्होंने यह संगीन आरोप भी लगाया कि जब पार्टी के अन्य सभी सांसद विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर जाते हैं, तब भी चड्ढा चुपचाप अपनी सीट पर बैठे रहते हैं.
‘मोदी से डर गए हो राघव’
वहीं दूसरी ओर, पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बुरी तरह डरने और पार्टी के जमीनी संघर्षों से पूरी तरह किनारा करने के बेहद गंभीर आरोप मढ़ दिए हैं. अनुराग ढांडा ने सार्वजनिक मंचों पर राघव चड्ढा की कार्यशैली का उपहास उड़ाया. उन्होंने सोशल मीडिया पर तीखा तंज कसते हुए कहा, “राघव, तुम पिछले कुछ सालों से बुरी तरह डर गए हो. तुम मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो. जो इंसान डर गया, वो देश के लिए क्या लड़ेगा?” इसी कड़ी में आगे, ढांडा ने कहा कि संसद में पार्टी को बोलने के लिए जो बेहद सीमित समय अलॉट होता है, उसका उपयोग देश बचाने के लिए होना चाहिए, न कि “एयरपोर्ट की कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने” जैसे सतही मुद्दों के लिए.
केजरीवाल के सिपाहियों का चड्ढा की कार्यप्रणाली पर तीखा पलटवार
अनुराग ढांडा ने पार्टी लाइन को साफ करते हुए आगे कहा, ‘हम अरविंद केजरीवाल के सच्चे सिपाही हैं और निडरता ही हमारी सबसे पहली पहचान है. जो शख्स मोदी सरकार से डर जाए, वह जनता की लड़ाई नहीं लड़ सकता. जब गुजरात में हमारे सैकड़ों समर्पित कार्यकर्ता बीजेपी की पुलिस द्वारा जेलों में ठूंस दिए गए, तब हमारे सांसद साहब के मुंह से सदन में एक लफ्ज नहीं फूटा. यही नहीं, जब सदन में देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ महत्वपूर्ण प्रस्ताव आया तो भाई साहब ने उस पर हस्ताक्षर करने तक से साफ मना कर दिया.जब पार्टी सदन का बहिष्कार करती है, तो ये मोदी जी के सामने अपनी हाजिरी लगाने के लिए सदन में ही बैठे रहते हैं।’
उपनेता पद छीनने पर राघव चड्ढा का रिएक्शन
दरअसल, इस अंदरूनी विवाद की असल शुरुआत उस समय हुई जब आम आदमी पार्टी ने अचानक राज्यसभा सचिवालय को एक कड़क पत्र लिखकर सांसद राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के ‘उपनेता’ के पद से तत्काल हटाने का आग्रह किया. पार्टी ने उनके स्थान पर पंजाब से सांसद अशोक मित्तल का नाम प्रस्तावित कर दिया है. पत्र में यहाँ तक कहा गया है कि चड्ढा को अब सदन में बोलने के लिए ‘आप’ के निर्धारित कोटे से समय भी आवंटित नहीं किया जाना चाहिए. पार्टी के इस भारी-भरकम एक्शन के बाद आज राघव चड्ढा ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए पलटवार किया और कहा कि, “मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना।”










