Aamir Khan Controversy: महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे द्वारा अभिनेता आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर दिए गए एक बयान के बाद देश में नया सियासी और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है। नितेश राणे ने आमिर खान को ‘लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर’ करार दिया था। अब इस पूरे मामले में अयोध्या के तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य भी कूद पड़े हैं। उन्होंने न केवल नितेश राणे के इस विवादित बयान का पुरजोर समर्थन किया, बल्कि अभिनेता आमिर खान को लेकर एक बेहद आपत्तिजनक और हिंसक घोषणा कर डाली है, जिससे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े हलकों में हड़कंप मच गया है।
नितेश राणे के आरोपों का समर्थन
बताते चले कि, तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के मंत्री ने जो कुछ भी कहा है, वह महज कोई राजनीतिक आरोप नहीं बल्कि जमीनी हकीकत है। उन्होंने अभिनेता की व्यक्तिगत जिंदगी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह से आमिर खान ने तीन शादियां की हैं और तीनों ही हिंदू महिलाओं से की हैं, वह इस उम्र में समाज को एक गलत संदेश दे रहे हैं। आचार्य ने दावा किया कि इस तरह की गतिविधियां सिर्फ एक विशेष एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए की जा रही हैं, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
अभिनेता को लेकर हिंसक घोषणा
विवाद को और ज्यादा हवा देते हुए परमहंस आचार्य ने समाज में सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए एक हिंसक और विवादित इनाम की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जो समाज का ताना-बाना नष्ट करने की साजिश रच रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने खुलेआम ऐलान किया कि जो भी व्यक्ति इस तरह के कृत्यों में शामिल लोगों को सजा देगा, उसके कानूनी खर्चों की जिम्मेदारी वे खुद उठाएंगे और उसके परिवार को पांच करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करेंगे। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने से ही इन कथित सामाजिक कुरीतियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सकती है।
सामाजिक व सांप्रदायिक सौहार्द पर संत का कड़ा रुख
अपने इस बेहद तल्ख और आक्रामक रुख को स्पष्ट करते हुए तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर ने धार्मिक मान्यताओं का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि जब विभिन्न मजहबों में एक-दूसरे की पूजा पद्धतियों और परंपराओं को लेकर स्पष्ट मतभेद हैं, तो सामाजिक स्तर पर इस प्रकार के संबंध बनाना पूरी तरह से निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर बहुसंख्यक समाज की बेटियों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन और समाज से अपील की कि ऐसे मामलों को बिल्कुल भी हल्के में न लिया जाए और इनके खिलाफ हर स्तर पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार
इस बड़े विवाद के अलावा, जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जुड़े दान के मामलों और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन पूरी तरह से देश की सर्वोच्च अदालत के निर्देशों और केंद्र सरकार की देखरेख में हुआ है। उन्होंने विपक्षी दलों और इंडिया (INDIA) गठबंधन के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि राम विरोधी लोग जानबूझकर इस मुद्दे पर हंगामा खड़ा कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि एसआईटी (SIT) द्वारा मामले की जांच पूरी ईमानदारी से की जा रही है और सच्चाई जल्द ही सबके सामने आ जाएगी।










