CG के स्कूली बच्चों की मौज! दीपावली पर मिली छुट्टियां, 12 नवंबर से फिर शुरू होंगी कक्षाएं

रायपुर. छत्तीसगढ़ के स्कूलों में दिवाली की छुट्टी पहले 5 दिन की थी. इसे बाद में एक दिन और बढ़ा दी गई. राज्य के सभी स्कूल 6 से 11 नवंबर 2026 तक बंद रहेंगे. पहले दिवाली पर 6 से 10 नवंबर तक पांच दिन की छुट्टी तय की गई थी. नए आदेश के बाद विद्यार्थियों और शिक्षकों को त्योहार मनाने के लिए एक दिन और मिल गया है. यानी अब स्कूल 12 नवंबर से खुलेंगे. स्कूल शिक्षा विभाग ने 16 अक्टूबर को छुट्टी बढ़ाने का संशोधित आदेश जारी किया था. इससे पहले 21 सितंबर 2026 को जारी शैक्षणिक कैलेंडर में

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नवम्बर 6, 2026

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रायपुर.

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में दिवाली की छुट्टी पहले 5 दिन की थी. इसे बाद में एक दिन और बढ़ा दी गई. राज्य के सभी स्कूल 6 से 11 नवंबर 2026 तक बंद रहेंगे. पहले दिवाली पर 6 से 10 नवंबर तक पांच दिन की छुट्टी तय की गई थी. नए आदेश के बाद विद्यार्थियों और शिक्षकों को त्योहार मनाने के लिए एक दिन और मिल गया है. यानी अब स्कूल 12 नवंबर से खुलेंगे.

स्कूल शिक्षा विभाग ने 16 अक्टूबर को छुट्टी बढ़ाने का संशोधित आदेश जारी किया था. इससे पहले 21 सितंबर 2026 को जारी शैक्षणिक कैलेंडर में दिवाली की छुट्टी पांच दिन तय की गई थी. अब विभाग ने पुराने आदेश में बदलाव करते हुए छुट्टी 11 नवंबर तक बढ़ा दी है.

छत्तीसगढ़ के डीएड-बीएड कॉलेजों में भी लागू होगा आदेश –
छत्तीसगढ़ में दिवाली की छुट्टी बढ़ने का फायदा स्कूलों के साथ शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को भी मिलेगा. स्कूल शिक्षा विभाग का यह आदेश प्रदेश के सभी सरकारी, अनुदान प्राप्त और गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा. इसके अलावा डीएड, बीएड और एमएड कॉलेजों में भी नए आदेश के मुताबिक छुट्टी रहेगी. यानी इन सभी संस्थानों में 6 से 11 नवंबर तक छह दिन अवकाश रहेगा. छुट्टी एक दिन बढ़ने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को दिवाली की तैयारी और त्योहार मनाने के लिए थोड़ा और समय मिल चुका है. वहीं, स्कूलों और संबंधित कॉलेजों को अब बदली हुई तारीखों के हिसाब से अपनी पढ़ाई और दूसरी शैक्षणिक गतिविधियों की योजना बनानी होगी.

छत्तीसगढ़ में दिवाली को खास अंदाज में मनाया जाता है –
छत्तीसगढ़ में दिवाली सिर्फ दीये जलाने और मां लक्ष्मी की पूजा करने का त्योहार नहीं है. यहां इसका जुड़ाव खेती-किसानी, नई फसल, पशुधन और लोक परंपराओं से भी है. यही वजह है कि छत्तीसगढ़ में दिवाली को खास अंदाज में मनाया जाता है. स्थानीय भाषा में इसे 'देवारी तिहार' या 'सुरहुत्ती तिहार' भी कहते हैं. खासकर ग्रामीण इलाकों और बस्तर में इस दौरान कई ऐसी परंपराएं निभाई जाती हैं, जो देश के दूसरे हिस्सों से अलग हैं.

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