डीजीपी कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में म.प्र. पुलिस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PHPS) न्यासी मंडल की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न

भोपाल  पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश पुलिस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PHPS) न्यासी मंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिसकर्मियों एवं उनके आश्रित परिवारजनों को अधिक प्रभावी, सरल एवं व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों एवं सुधारात्मक प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे नागरिकों की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समर्पित रहते हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य एवं परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि

Wrriten By :

Editor

Published On :

मई 27, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

भोपाल 

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश पुलिस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PHPS) न्यासी मंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिसकर्मियों एवं उनके आश्रित परिवारजनों को अधिक प्रभावी, सरल एवं व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों एवं सुधारात्मक प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे नागरिकों की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समर्पित रहते हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य एवं परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा योजना में विशेष परिस्थितियों एवं मानवीय आधार पर हितकारी निर्णय लिए जा सकें, इसके लिए विशेष मामलों में निर्णय लेने हेतु विशेषाधिकार का प्रावधान भी आवश्यक है। उन्होंने सभी इकाई प्रमुखों को योजना अंतर्गत लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति एवं उपचार संबंधी बिलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में स्वास्थ्य सुरक्षा योजना को वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक संवेदनशील एवं व्यावहारिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान योजना के अंतर्गत आश्रित सदस्यों की पात्रता, कैशलेस उपचार की सुविधा, गंभीर बीमारियों के उपचार, आकस्मिक परिस्थितियों में चिकित्सा सहायता तथा उपचार प्रक्रिया को सरल बनाने जैसे विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

इसके साथ ही अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त पुलिस कर्मचारियों पर आश्रित छोटे भाई-बहनों एवं दिव्‍यांगजनों को भी योजना का लाभ प्रदान करने हेतु शासन को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय उन कर्मचारियों के सामाजिक एवं पारिवारिक दायित्वों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिन पर अपने छोटे भाई-बहनों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी है।

बैठक में प्रदेश के अधिक से अधिक शासकीय मान्यता प्राप्त निजी चिकित्सालयों को योजना से जोड़ने पर बल दिया गया, ताकि पुलिसकर्मियों को अपने जिले अथवा निकटतम क्षेत्र में कैशलेस उपचार की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सके। वर्तमान में प्रदेश के अंदर 55 तथा प्रदेश के बाहर 4 निजी चिकित्सालयों सहित कुल 59 अस्पतालों से योजना अंतर्गत अनुबंध किया गया है। सभी इकाई प्रमुखों को स्थानीय स्तर पर और अधिक अस्पतालों से समन्वय स्थापित कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।

पुलिसकर्मियों के हित में एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय यह भी लिया गया कि आकस्मिक परिस्थितियों, विशेष रूप से हार्ट अटैक एवं गंभीर सड़क दुर्घटना जैसी जानलेवा स्थितियों में यदि उपचार गैर-अनुबंधित अथवा गैर-मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में प्रारंभ करना पड़े, तो मरीज के स्थिर (Stable) होने तक वहां कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा सके।

बैठक में निर्णय पारित किया गया कि कानून-व्यवस्था ड्यूटी, अपराध विवेचना के दौरान हिंसा, पुलिस वाहन अथवा किराये के पुलिस वाहनों की दुर्घटना में घायल पुलिसकर्मियों सहित कैंसर, किडनी एवं लीवर ट्रांसप्लांट, ओपन हार्ट सर्जरी जैसे गंभीर उपचार मामलों में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बाद शेष राशि का भुगतान पीएचपीएस निधि से किया जाए। साथ ही कोमा अथवा पैरालिसिस की स्थिति में भी सहायता प्रदान की जाएगी। वर्तमान 50 प्रतिशत अंतर राशि को बढ़ाकर शत-प्रतिशत करने का प्रस्ताव है, जिसकी अधिकतम सीमा 14 लाख रुपये निर्धारित की गई है।

बैठक में विभिन्न इकाइयों से प्राप्त सुझावों पर भी विस्तृत चर्चा की गई तथा पुलिसकर्मियों के हित में व्यावहारिक एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में विशेष पुलिस महानिदेशक आदर्श कटियार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए. साईं मनोहर, योगेश चौधरी, सोलोमन यश कुमार मिंज उप पुलिस महानिरीक्षक अवधेश गोस्वामी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूही चंद्र सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

2