खरगोन में प्राइवेट स्कूल की सुस्ती, 12वीं के 13 छात्र अंग्रेजी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके

खरगोन  खरगोन जिले के गायत्री विद्यापीठ हायर सेकंडरी स्कूल की घोर लापरवाही के कारण 12वीं कक्षा के 13 छात्र अंग्रेजी की बोर्ड परीक्षा नहीं दे सके. स्कूल प्रबंधन ने छात्रों से परीक्षा फॉर्म तो भरवा लिए, लेकिन उनकी फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल को समय पर नहीं भेजी. इस कारण इन छात्रों के प्रवेश पत्र जनरेट नहीं हुए. जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर भीकनगांव में गायत्री विद्यापीठ हायर सेकंडरी स्कूल प्रबंधन ने 10वीं और 12वीं के नियमित 23 बच्चों के फॉर्म तो भरवाए, लेकिन उनकी परीक्षा फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) भोपाल को नहीं भेजी गई.  लापरवाही की

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Published On :

फ़रवरी 10, 2026

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खरगोन 

खरगोन जिले के गायत्री विद्यापीठ हायर सेकंडरी स्कूल की घोर लापरवाही के कारण 12वीं कक्षा के 13 छात्र अंग्रेजी की बोर्ड परीक्षा नहीं दे सके. स्कूल प्रबंधन ने छात्रों से परीक्षा फॉर्म तो भरवा लिए, लेकिन उनकी फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल को समय पर नहीं भेजी. इस कारण इन छात्रों के प्रवेश पत्र जनरेट नहीं हुए.

जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर भीकनगांव में गायत्री विद्यापीठ हायर सेकंडरी स्कूल प्रबंधन ने 10वीं और 12वीं के नियमित 23 बच्चों के फॉर्म तो भरवाए, लेकिन उनकी परीक्षा फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) भोपाल को नहीं भेजी गई. 

लापरवाही की हद तो तब हो गई जब स्कूल प्रबंधन परीक्षा के 2 दिन पहले तक भी नहीं जागा. मंगलवार  यानी 10 फरवरी को आयोजित 12वीं की अंग्रेजी की परीक्षा के लिए जब बच्चों को सोमवार के दिन तक प्रवेश पत्र नहीं मिले तो उन्होंने स्कूल से संपर्क किया तब यह पता चला कि बच्चों की फीस ही जमा नहीं की गई है. धीरे-धीरे सभी पालकों को पता चला तो गुस्साए पालक स्कूल पहुंच गए, यहां जमकर हंगामा हुआ. 

इसके बाद सैकड़ों लोगों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ खंडवा वडोदरा स्टेट हाईवे पर गांधी प्रतिमा के सामने चक्काजाम कर दिया. चक्का जाम आधी रात तक जारी रहा. थाना इंचार्ज और बीईओ दिनेश पटेल ने गुस्साए लोगों को समझने का प्रयास किया लेकिन कोई नहीं माना.

स्कूल प्रबंधन ने ताबड़तोड़ माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल के अकाउंट में 3 लाख 73 हजार जमा किए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, क्योंकि मंगलवार को ही 12वीं के 13 बच्चों को अंग्रेजी के पेपर में शामिल होना था.

कलेक्टर और शिक्षा विभाग ने भी प्रयास किए, लेकिन पोर्टल बंद होने और समय की कमी के चलते मंगलवार सुबह होने वाले पेपर के लिए प्रवेश पत्र नहीं मिल सके.

मामले को लेकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश पटेल का कहना है, छात्रों के फॉर्म तो भरवा गए, लेकिन उनकी फीस जमा नहीं की गई. इससे बच्चे परीक्षा से वंचित हुए हैं. इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर को अवगत कराया गया है. स्कूल प्रबंधन के खिलाफ वे ही कार्रवाई करेंगे. 

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