सीमावर्ती क्षेत्र में विकास की नई लहर: अमृतसर के अटारी में 121 सड़कों के कायाकल्प की शुरुआत

अमृतसर.  अटारी में बुनियादी ढांचे का कायाकल्प अमृतसर के अटारी विधानसभा क्षेत्र के निवासियों के लिए विकास का नया सवेरा हुआ है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने क्षेत्र की मुख्य और लिंक सड़कों को शानदार बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक अभियान की शुरुआत की है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत 57.80 करोड़ रुपये की लागत से 121 सड़कों का नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। यह सड़कें लगभग 137 किलोमीटर की दूरी तय करती हैं, जो न केवल स्थानीय यातायात को सुगम बनाएंगी बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करेंगी। सीमावर्ती क्षेत्रों की ऐतिहासिक अनदेखी का अंत परियोजना

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Published On :

अप्रैल 18, 2026

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अमृतसर. 

अटारी में बुनियादी ढांचे का कायाकल्प अमृतसर के अटारी विधानसभा क्षेत्र के निवासियों के लिए विकास का नया सवेरा हुआ है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने क्षेत्र की मुख्य और लिंक सड़कों को शानदार बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक अभियान की शुरुआत की है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत 57.80 करोड़ रुपये की लागत से 121 सड़कों का नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। यह सड़कें लगभग 137 किलोमीटर की दूरी तय करती हैं, जो न केवल स्थानीय यातायात को सुगम बनाएंगी बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करेंगी।

सीमावर्ती क्षेत्रों की ऐतिहासिक अनदेखी का अंत परियोजना का शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अटारी जैसे सामरिक महत्व वाले सीमावर्ती क्षेत्रों को दशकों तक विकास की मुख्यधारा से बाहर रखा गया। मान के अनुसार, पिछली सरकारों की गलत नीतियों और भ्रष्टाचार के कारण युवाओं का भविष्य अंधकारमय हुआ और वे पलायन करने पर मजबूर हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार का लक्ष्य पंजाब के हर उस कोने तक विकास पहुँचाना है, जो लंबे समय से उपेक्षित रहे हैं।

नहरी पानी और कृषि विकास पर जोर विकास कार्यों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जब उनकी सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी सिंचाई के लिए उपयोग किया जा रहा था, जो अब बढ़कर 71 प्रतिशत हो गया है। आगामी धान के सीजन तक इस आंकड़े को 90 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे किसानों की नलकूपों पर निर्भरता कम होगी और भूमिगत जल स्तर को बचाने में मदद मिलेगी।

नशे के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई सड़क निर्माण के अलावा, मुख्यमंत्री ने राज्य को नशामुक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में ड्रग्स की सप्लाई लाइन को पूरी तरह तोड़ दिया गया है और तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती शासकों ने अपने स्वार्थ के लिए नशे के व्यापार को संरक्षण दिया था, लेकिन वर्तमान प्रशासन पंजाब को फिर से 'रंगला पंजाब' बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

रोजगार और सरकारी सेवाओं का विस्तार मुख्यमंत्री ने पंजाब के युवाओं को योग्यता के आधार पर दी गई 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियों का ब्योरा भी साझा किया। उन्होंने कहा कि अब सरकारी विभागों में पद केवल सिफारिश पर नहीं बल्कि मेरिट के आधार पर भरे जा रहे हैं। बुनियादी ढांचे के विकास, मुफ्त बिजली और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे कदमों के माध्यम से सरकार आम आदमी के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का प्रयास कर रही है। अटारी की इन सड़कों के निर्माण से पर्यटन और व्यापार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

 

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