राजेंद्र सेतु के समानांतर बना नया रेल ब्रिज शुरू, अब 110 की स्पीड से दौड़ेंगी ट्रेनें

पटना  बिहार के अलग-अलग जिलों में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है. खासकर कर रोड और रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है. इसे ध्यान में रखते हुए ही मोकामा में नया डबल ट्रैक ब्रिज बनाया गया था. राजेंद्र सेतु के समानांतर रेल ब्रिज का निर्माण किया गया था. नये रेल ब्रिज से ट्रेन का परिचालन शुरू नये डबल ट्रैक रेल ब्रिज पर ट्रेन का परिचालन भी शुरू हो गया है. इसके बनने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने की खबर है. सिर्फ बिहार के जिलों के बीच

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Published On :

नवम्बर 8, 2026

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पटना 
बिहार के अलग-अलग जिलों में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है. खासकर कर रोड और रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है. इसे ध्यान में रखते हुए ही मोकामा में नया डबल ट्रैक ब्रिज बनाया गया था. राजेंद्र सेतु के समानांतर रेल ब्रिज का निर्माण किया गया था.

नये रेल ब्रिज से ट्रेन का परिचालन शुरू
नये डबल ट्रैक रेल ब्रिज पर ट्रेन का परिचालन भी शुरू हो गया है. इसके बनने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने की खबर है. सिर्फ बिहार के जिलों के बीच ही नहीं बल्कि दिल्ली-यूपी जाना भी लोगों के लिए पहले से ज्यादा आसान हो गया है. बताया जा रहा है कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली और यूपी रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाए जाने की तैयारी है.

मिथिलांचल-दिल्ली के बीच नई ट्रेन
मिली जानकारी की माने तो, मिथिलांचल और दिल्ली के बीच नई अमृत भारत ट्रेन चलाए जाने की योजना है. इस ट्रेन की शुरुआत नए साल पर हो सकती है. इतना ही नहीं, अगले कुछ सालों में वंदे भारत समेत अन्य ट्रेनों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है. इससे यात्रियों को खास फायदा मिल सकेगा.

इन जिलों को मिलेगा फायद
राजेंद्र सेतु के समानांतर नया पुल बनने से खासकर खगड़िया, बेगूसराय, पटना, मधुबनी, नवादा और शेखपुरा के बीच कनेक्टिविटी आसान हो गया है. इसके साथ ही ट्रेन की क्रॉसिंग के लिए लोगों को सिग्नल पर इंतजार करने की जरुरत नहीं पड़ रही है. लोगों के समय की बचत हो रही है. इसके साथ ही दिल्ली, उत्तर प्रदेश और सिमरिया धाम तक आना-जाना आसान हो गया है. इस तरह से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की खबर है.

100-110 KMPH से दौड़ रही ट्रेन
पहले की जो स्थिति थी, उसके मुताबिक सिंगल ट्रैक होने की वजह से ट्रेनों की स्पीड 50 किलोमीटर प्रति घंटे के आस-पास थी. इसके साथ ही आउटर सिग्नल पर ट्रेन की क्रॉसिंग के लिए घंटों यात्रियों को इंतजार करना पड़ता था. लेकिन राजेंद्र सेतु के समानांतर रेल ब्रिज बनने के बाद दोनों दिशा में ट्रेनों का परिचालन शुरू हो गया है. अब ट्रेनें 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही है. लोगों के समय की बचत हो रही है.

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